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Big Breaking: धर्मेंद्र प्रधान ने पद से दिया त्यागपत्र, जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच पीएम मोदी को भेजा पत्र

 देश की राजधानी नई दिल्ली से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। नीट (NEET) पेपर लीक और धांधली के मामले को लेकर जारी भारी राजनीतिक गहमा...


 देश की राजधानी नई दिल्ली से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। नीट (NEET) पेपर लीक और धांधली के मामले को लेकर जारी भारी राजनीतिक गहमागहमी और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

गौरतलब है कि सीजेपी नीट परीक्षा में हुई अनियमितताओं के विरोध में काफी समय से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रही थी।

📱 सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया भावुक संदेश: 'राष्ट्रसेवा ही जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता'

धर्मेंद प्रधान ने खुद अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपने इस्तीफे की सार्वजनिक रूप से जानकारी दी।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ।"

उन्होंने आगे कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा करने का जो अवसर उन्हें मिला, उसके लिए वे प्रधानमंत्री के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं।

📝 NEET-UG परीक्षा में धांधली और CBI जांच: 'किसी मेधावी छात्र का भविष्य खराब नहीं होने देंगे'

परीक्षा विवाद का जिक्र करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा, "3 मई को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में अनियमितता सामने आई थी। सरकार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और पुनर्गठित परीक्षा आयोजित की गई। साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-Based-Test) मोड में कराने का फैसला लिया गया। हमारी प्राथमिकता 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा पारदर्शी तरीके से कराने की थी, जो 21 जून को पूर्ण हुई।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले दिन से ही उन्होंने इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी ली है। 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, लेकिन इस दौरान भी जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की, जिससे उनका मन व्यथित हुआ।

💔 'युवाओं को भ्रम के कुचक्र में नहीं फंसने देंगे': पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से दुःखी थे मंत्री

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने संदेश में कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम को देखकर उनका मन गहरा दुःखी है।

उन्होंने लिखा, "यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है। मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ।"

🏛️ जंतर-मंतर पर तनाव और छात्रों का भविष्य: इसलिए प्रधानमंत्री को भेजा त्यागपत्र

इस्तीफे का मुख्य कारण स्पष्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर और देश भर में जो स्थिति बनी है, उसका कोई राष्ट्र विरोधी ताकतें गलत फायदा न उठा सकें और देश की एकता बनी रहे, इसीलिए उन्होंने यह कदम उठाया है।

उन्होंने कहा, "भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई और करियर बनाने में लगाएं... इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।"

अंत में उन्होंने प्रभु श्री जगन्नाथ जी का स्मरण करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की सेवा में खुद को सदैव समर्पित रखेंगे।







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