दिल्ली के टोल नाकों को बैरियर रहित और जाम मुक्त बनाने के लिए एमसीडी प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर निगम के अधीन आने वाले नाकों ...
दिल्ली के टोल नाकों को बैरियर रहित और जाम मुक्त बनाने के लिए एमसीडी प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर निगम के अधीन आने वाले नाकों पर अक्तूबर तक मल्टी लेन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। बता दें कि आपके लोकप्रिय अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने टोल नाकों पर लगने वाले जाम को लेकर ‘टोल पर टॉर्चर’ नाम से सीरीज चलाई थी। इसमें लोगों की दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया था।
दिल्ली नगर निगम की ओर से टोल नाकों पर बैरियर रहित मल्टी लेन बिना रुकावट (एमएलएफएस) प्रणाली को विकसित करने का कार्य शुरू किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इसे लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत अक्तूबर महीने तक दिल्ली के टोल नाकों को जाम मुक्त बनाया जाएगा। इसे लेकर एमएलएफएस प्रणाली को आरएफआईडी और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) के साथ जोड़ रहे हैं। सबसे पहले चरण में इस व्यवस्था को व्यस्त टोल नाकों पर लागू किया जाएगा। इसमें टिकरी बॉर्डर, सिंधू बॉर्डर, कापसहेड़ा बॉर्डर, आया नगर बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, रजोकरी बॉर्डर में स्थित टोल नाकों शामिल हैं।
कैशलेस करने का सुझाव
दिल्ली की सीमाओं पर नगर निगम के टोल नाकों की वजह से लगने वाले भीषण जाम की समस्या को दूर करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने नगर निगम को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि जब तक टोल वसूली की कोई नई व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक मौजूदा टोल नाकों को पूरी तरह कैशलेस कर दिया जाए, ताकि गाड़ियों की लंबी कतारों से राहत मिल सके।
सुबह-शाम वाहनों का दबाव
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली की सीमाओं से रोजाना लाखों की संख्या में कमर्शियल वाहन गुजरते हैं। टोल नाकों पर मोबाइल एप में नंबर फीड करके टोल लेने के साथ नकद भुगतान की प्रक्रिया में लगने वाला समय जाम की सबसे बड़ी वजह बनता है। खासकर सुबह और शाम के समय जब वाहनों का दबाव अधिक होता है, तब यह समस्या और गंभीर हो जाती है। ऐसे में अगर पूरी टोल व्यवस्था को कैशलेस कर दिया जाए तो वाहनों की आवाजाही तेज होगी और जाम से राहत मिलेगी।
जाम से मिलेगी राहत
अधिकारियों ने कहा कि निगम के अधीनस्थ टोल नाकों पर एमएलएफएस और एएनपीआर कैमरा-आधारित टोल वसूली व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी। निगम अधिनियम में संशोधन कर टोल नाकों के नए उपनियम के प्रस्ताव को सदन में स्वीकृति दी गई है। इस प्रस्ताव को अब राज्य सरकार से स्वीकृति मिल गई है। इससे नागरिकों को टोल नाकों पर होने वाले जाम से राहत मिलेगी।

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