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महादेव बेटिंग ऐप केस: ईबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग गिरफ्तार, 940 करोड़ जब्त

 ईडी ने मंगलवार को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईबिक्स ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार ...


 ईडी ने मंगलवार को महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईबिक्स ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में उनके ठिकानों पर तलाशी के बाद 53 साल के गर्ग को पीएमएलए के तहत हिरासत में लिया गया। उन्हें दिल्ली की एक विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने ईडी को उन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर ले जाने के लिए 24 घंटे की हिरासत दी। इस मामले की जांच रायपुर में चल रही है।

940 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त

पिछले हफ्ते ईडी ने एक प्रेस बयान में कहा था कि उसने इस जांच के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है। ईडी ने कहा कि यह जब्ती महादेव ऑनलाइन बुक/स्काईएक्सचेंज अवैध ऑनलाइन बेटिंग मामले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।

कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल

ईडी ने कहा है कि महादेव बेटिंग ऐप मामले में छत्तीसगढ़ के कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल हैं। इस मामले में अपराध से हुई कथित कमाई 6000 करोड़ रुपए है। एजेंसी का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज (दुबई स्थित एक्सचेंज) के गैर-कानूनी बेटिंग के काम से हुई कमाई को शेल कंपनियों और कई तरह के लेन-देन के जरिए कैश के बदले हवाला एंट्री के जरिए लॉन्डर किया गया।

गैर-कानूनी सट्टेबाजी करवाता था

जांच से पता चला है कि महादेव ऑनलाइन बुक/स्काईएक्सचेंज बेटिंग के काम से अपराध के जरिए हुई 940.77 करोड़ रुपए की कमाई को इसी तरह से उन कंपनियों में भेजा गया, जिनका मालिकाना और कंट्रोल गर्ग के पास था। ईडी के अनुसार, महादेव ऐप एक बड़े इंटरनेशनल सट्टेबाजी सिंडिकेट के तौर पर काम करता था। यह 'टाइगर एक्सचेंज', 'गोल्ड365' और 'लेजर247' जैसे कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डोमेन नामों के जरिए कथित तौर पर गैर-कानूनी सट्टेबाजी करवाता था।

दोनों मुख्य प्रमोटर फरार हैं

ईडी ने बताया कि यह पूरा काम 'पैनल' और 'ब्रांच' के एक फ्रेंचाइजी-बेस्ड नेटवर्क के जरिए होता था, जिसे पूरे भारत में सहयोगी चलाते थे। वहीं, इसके मुख्य प्रमोटर- सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से इस सट्टेबाजी सिंडिकेट को चलाते और कंट्रोल करते थे। ये दोनों अभी फरार हैं।

इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी

विकास गर्ग की गिरफ्तारी इस मामले में 14वीं गिरफ्तारी है। रायपुर की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में अब तक दाखिल पांच चार्जशीट में 74 लोगों/संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने कोर्ट में चंद्राकर, उप्पल और मामले में नामजद अन्य लोगों (अनिल अग्रवाल उर्फ ​​अतुल और शुभम सोनी) को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग भी की है।








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