क्या दिल्ली में बड़ा बुलडोजर ऐक्शन होने वाला है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने डीडीए को दिल्ली में अति...
क्या दिल्ली में बड़ा बुलडोजर ऐक्शन होने वाला है? ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने डीडीए को दिल्ली में अतिक्रमण के खिलाफ जोर टॉलरेंस का रवैया अपनाने का निर्देश दिया है। एलजी ने डीडीए को आदेश दिया है कि दिल्ली के सभी इलाकों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अवैध निर्माण का पता लगाने के लिए ड्रोन और रियल टाइम टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाए और उनपर कारर्वाई की जाए। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही दिल्ली में डीडीए बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की शुरुआत कर सकता है।
बुलडोजर ऐक्शन के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधी शुक्रवार को डीडीए की एडवाइजरी कमेटी की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान एलजी ने राजधानी में चल रहे विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। इसके बाद एलजी ने डीडीए के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दिल्ली में सरकारी जमीनों और सरकारी बिल्डिंगों की रियलटाइम निगरानी की जाए और इसके लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाए। एलजी ने कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर अवैध कब्जों और अवैध निर्माण पहचान की जाए और उनका पता लगने के बाद तेज गति से कार्रवाई की शुरुआत की जाए। एलजी के निर्देश के बाद संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही पूरी दिल्ली में बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है।
एक साल में वापस ली गई 241 एकड़ जमीन
एलजी के साथ हुई बैठक में अधिकारियों ने अवैध कब्जों और अवैध निर्माण को लेकर एलजी को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल अप्रैल, 2025 से लेकर अभ तक कुल 241 एकड़ जमीन अवैध कब्जे से मुक्त करवाई गई है। डीडीए अधिकारियों ने बताया कि इन जमीनों की सुरक्षा के लिए डीडीए ने 14 फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं, जो रोजाना इन जमीनों का निरीक्षण करने जाते हैं। डीडीए अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल में डीडीए ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए करीब 241 एकड़ जमीन को कब्जामुक्त करवाया है। इसके अलावा डेवलपमेंट एरिया से भी 235 एकड़ जमीन को अवैध निर्माण मुक्त करवाया गया है।
ड्रोन से हो रहा सर्वे
दिल्ली विकास प्राधिकरण की तरफ से पूरी दिल्ली में ड्रोन सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे में डीडीए के साथ एमसीडी और सर्वे ऑफ इंडिया का सहयोग भी लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे में 1370 वर्ग कीलोमीटर का क्षेत्रफल शामिल है। इसमें 1122 किलोमीटर का नक्शा पहले ही तैयार कर लिया गया है और जीरो जोन का पूरा सर्वे हो गया है। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि खाली करवाए गए जमीन के टुकड़ों की जियो टैगिंग की गई है और समय-समय पर तस्वीरों के माध्यम से उसकी निगरानी की जा रही है।

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