नई दिल्ली: प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी अंतरिम निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी (CJ...
नई दिल्ली: प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से राहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी अंतरिम निर्देशों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि सर्वोच्च अदालत द्वारा लगाई जा रही शर्तें उन्हें स्वीकार नहीं हैं और सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों को बिना किसी 'किंतु-परंतु' के पूरा करना चाहिए।
हालांकि, सौरभ दास ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मूल मांगों को पूरा करने के अलावा यदि सुप्रीम कोर्ट अतिरिक्त कोई राहत देता है, तो वे उसका स्वागत करेंगे।
📜 सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम निर्देश: 18 वर्ष से कम आयु और बिना आपराधिक रिकॉर्ड वालों को रिहा करने का आदेश
देश की सबसे बड़ी अदालत ने मंगलवार को उन प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्देश दिया, जिनकी उम्र 18 साल से कम है और जिनका कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है।
प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता का आरोप लगाने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। अदालत के इस फैसले पर अब राजनीतिक व सामाजिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।
🚫 "पहले से एफआईआर या शांतिपूर्ण होने जैसी शर्तें मंजूर नहीं": CJP ने पुलिस की शक्तियों पर जताई आशंका
सर्वोच्च अदालत के निर्देशों पर समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में सौरभ दास ने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट युवाओं के हित में कुछ कर रहा है, तो वे उसका स्वागत करते हैं। लेकिन उन्होंने साफ किया कि उनकी मांगें बिल्कुल स्पष्ट थीं। उन्होंने कहा, "हमने मांग की थी कि सभी लोगों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस हों और भविष्य में भी कोई दंडात्मक कार्रवाई न हो। हमने यह नहीं कहा था कि केवल नाबालिगों को ही छोड़ा जाए या जिनके खिलाफ पहले से एफआईआर न हो उन्हें ही राहत मिले।"
सौरभ दास ने बताया कि वार्ताकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने पहले ही आशंका जताई थी कि यदि 'शांतिपूर्ण' या 'पुराना आपराधिक रिकॉर्ड' जैसी शर्तें जोड़ी गईं, तो पुलिस को मनमानी ताकत मिल जाएगी और वह जिसे पसंद नहीं करेगी उसे अशांतिपूर्ण घोषित कर देगी। इसलिए सभी से केस वापस लिए जाने चाहिए।
🤝 "मंत्रियों ने जो भरोसा दिया था, सरकार उसे पूरा करे": CJP ने मांगें पूरी होने के बाद ही अतिरिक्त राहत की रखी शर्त
सौरभ दास ने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि मंगलवार तक आवश्यक आदेश जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को दोनों मंत्रियों द्वारा दिए गए भरोसे पर कायम रहना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को पहले प्रदर्शनकारियों की मूल मांगें पूरी करनी चाहिए। इसके बाद यदि सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई अतिरिक्त राहत मिलती है, तो सरकार को उसे भी लागू करना चाहिए। फिलहाल CJP अपनी मांगों पर पूरी तरह कायम है।

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