रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर यहां स्थित कारगिल ...
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर यहां स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर रविवार को पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। द्रास घाटी में रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को नमन किया।
💐 लद्दाख के उपराज्यपाल और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अर्पित किए पुष्पचक्र, हेलीकॉप्टरों ने की पुष्पवर्षा
लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा तथा सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए।
इस दौरान भारतीय वायुसेना के तीन हेलीकॉप्टरों ने 'एरोहेड' (तीर के आकार) की शानदार संरचना में उड़ान भरी। इसमें एक उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर सबसे आगे था और उसके पीछे दो चीतल हेलीकॉप्टर थे। इन हेलीकॉप्टरों ने युद्ध स्मारक पर पुष्पवर्षा कर अनूठे अंदाज में शहीदों को याद किया।
🎖️ द्रास में आयोजित 'शौर्य संध्या', ऑपरेशन विजय के अदम्य साहस को किया गया याद
शनिवार को द्रास पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 'श्रद्धांजलि समारोह' में मुख्य अतिथि थे। शनिवार शाम द्रास में बारिश के बीच भारतीय सेना द्वारा भव्य 'शौर्य संध्या' का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में ऑपरेशन विजय (1999) के दौरान भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस और पराक्रम को याद किया गया तथा कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
🏺 शहीदों के परिजनों को सौंपा गया प्रतीकात्मक 'कलश', 1999 की ऐतिहासिक जीत की याद
रक्षा मंत्री ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया तथा कारगिल युद्ध में शहीद हुए कुछ सैनिकों के परिजनों को प्रतीकात्मक 'कलश' भी सौंपा। भारतीय सेना ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में द्रास में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।
यह अवसर 1999 की उस ऐतिहासिक जीत की याद दिलाता है, जब भारतीय सैनिकों ने बर्फ से ढकी ऊंची चोटियों और पाकिस्तानी सेना की लगातार गोलीबारी का डटकर मुकाबला करते हुए कारगिल की चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराया था। कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को देश भर में पूरी देशभक्ति के साथ मनाया जाता है।

कोई टिप्पणी नहीं