दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से भी अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने ब...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से भी अधिक समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने बड़ा आरोप लगाया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उनके समर्थकों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों पर निशाना साधते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि इन आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि ये ताकतें नहीं चाहतीं कि भारत एक विकसित, मजबूत, समृद्ध और शिक्षित राष्ट्र बने।
🌐 'भारत को विकसित व मजबूत बनता नहीं देखना चाहतीं देश-विरोधी शक्तियां'
कॉकरोच जनता पार्टी और उनके साथ प्रदर्शन में शामिल लोगों को लेकर इंद्रेश कुमार ने कहा, "मैं जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने आए युवाओं और छात्रों से कहना चाहता हूं कि अब तक एक बात पूरी तरह साफ हो चुकी है—इन विरोध प्रदर्शनों के पीछे देश और दुनिया की वे ताकतें काम कर रही हैं, जो नहीं चाहतीं कि भारत एक सशक्त और शिक्षित देश के रूप में आगे बढ़े। ये ताकतें भारत की साख और विकास को बर्बाद करना चाहती हैं।"
📢 प्रदर्शनकारी युवाओं से अपील: 'सकारात्मक मूल्य अपनाएं, देश के विकास में दें योगदान'
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से इंद्रेश कुमार ने एक बड़ी अपील की है। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं से नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मक मूल्यों को अपनाने और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "आज भारत अपने तीव्र विकास और मजबूत 'स्टार्टअप इकोसिस्टम' के जरिए पूरी दुनिया के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभर रहा है। लाखों नए स्टार्टअप्स देश की ताकत बन रहे हैं। ऐसे में इस वैश्विक रोल मॉडल को और मजबूत करने के लिए सभी नागरिकों को सरकार का सहयोग करना चाहिए।"
इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि भारत को विकसित बनाने के लिए सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को स्वतंत्रता और ईमानदारी से निभाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां गर्व से सीख सकें कि जब वैश्विक ताकतें भारत के विकास, शिक्षा, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव को तोड़ने की साजिश रच रही थीं, तब देश के युवाओं ने इसे बचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी।
🛑 'अगर कुछ अच्छा नहीं कर सकते, तो कम से कम देश को बर्बाद न करें'
संघ नेता इंद्रेश कुमार ने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "अगर आप देश के लिए कुछ अच्छा नहीं कर सकते, तो कम से कम इसे बर्बाद करने का काम तो न करें। अगर आप दूसरों को बेहतर काम करते हुए नहीं देख सकते, तो उसे खराब करने की कोशिश करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी गतिविधियों से सभी को बचना चाहिए।"

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