भरथना/इटावा, 07 फरवरी 2026 : भरथना के गंगाधर विश्वनाथ धाम, रमायन-भरथना में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर ...
भरथना/इटावा, 07 फरवरी 2026 : भरथना के गंगाधर विश्वनाथ धाम, रमायन-भरथना में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर से ही कथा स्थल पर भक्तों का आगमन शुरू हो गया था और पूरा वातावरण “हर हर महादेव” व “बम बम भोले” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा श्रवण करते नजर आए और शिव भक्ति में लीन दिखाई दिए।
कथा का शुभारंभ कथा व्यास बाल ब्रह्मचारी श्री प्रेमानंद जी महाराज ने मंगलाचरण, गुरु वंदना और भगवान शिव की स्तुति के साथ किया। उन्होंने शिव महापुराण के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि यह पुराण वेद रूपी कल्पवृक्ष का पका हुआ अमृतमय फल है, जिसके श्रवण से मनुष्य के पापों का क्षय होता है और जीवन में शांति, सुख व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
प्रथम दिवस की कथा में सृष्टि की उत्पत्ति का मनोहारी वर्णन किया गया। ब्रह्मा और विष्णु के मध्य श्रेष्ठता विवाद तथा उसी समय अनंत ज्योति स्तंभ के रूप में भगवान शिव के प्रकट होने की लिंगोद्भव कथा ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचक ने बताया कि शिव ही आदि, अनादि और संपूर्ण सृष्टि के मूल हैं। शिवलिंग की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि शिवलिंग की उपासना से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश देते हुए अहंकार त्याग कर शिव भक्ति में लीन रहने का आह्वान किया गया। अंत में आरती और प्रसाद वितरण हुआ। आयोजकों ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से सायं 5:30 बजे तक चलेगी और श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ लेने की अपील की गई।
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