नई दिल्ली, 06 फरवरी 2026 : मासिक धर्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद देशभर में इस विषय पर जागरूकता और चर्चा तेज हो गई है। इस...
नई दिल्ली, 06 फरवरी 2026 : मासिक धर्म को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद देशभर में इस विषय पर जागरूकता और चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में पिछले दस वर्षों से माहवारी स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संस्था सच्ची सहेली द्वारा दिल्ली में कनॉट प्लेस से एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर तक एक भव्य ‘पैड यात्रा’ का आयोजन किया गया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य माहवारी से जुड़े सामाजिक संकोच, चुप्पी और वर्जनाओं को तोड़ते हुए इसे सामान्य और सम्मानजनक विषय के रूप में स्थापित करना रहा।
पैड यात्रा के पश्चात एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘पीरियड फेस्ट’ का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 500 छात्र-छात्राओं, महिलाओं और विभिन्न समुदायों के लोगों ने सहभागिता की। इस आयोजन में माहवारी स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और सही जानकारी से जुड़े विषयों पर संवाद किया गया। कार्यक्रम फेडरल बैंक के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा और एमसीडी स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने सच्ची सहेली की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समानता और गरिमा आधारित सोच को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि माहवारी को लेकर जागरूकता बढ़ाना महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।
सच्ची सहेली की अध्यक्ष डॉ. सुरभि सिंह ने कहा कि माहवारी स्वास्थ्य पर सही और वैज्ञानिक जानकारी लड़कियों में आत्मविश्वास पैदा करती है और उन्हें अपने शरीर को समझने में मदद करती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि माहवारी केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज का विषय है और पुरुषों की सहभागिता भी इसमें उतनी ही जरूरी है।
आयोजकों का कहना है कि पैड यात्रा और पीरियड फेस्ट जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से वे आगे भी समाज में जागरूकता फैलाते रहेंगे, ताकि माहवारी को लेकर फैले मिथकों और गलत धारणाओं को समाप्त किया जा सके।
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