बहुचर्चित नीले ड्रम कांड में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को निचली अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब सबसे बड़ा स...
बहुचर्चित नीले ड्रम कांड में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को निचली अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन्हें फांसी कब और कैसे होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में इस जघन्य हत्याकांड के लिए दोनों के प्रति किसी भी तरह की नरमी बरतने से इनकार कर दिया है। हालांकि, न्याय के सिद्धांतों के तहत अदालत ने दोनों को अपनी सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 90 दिन की मोहलत दी है। इस तय अवधि के भीतर साहिल और मुस्कान हाईकोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दाखिल कर सकते हैं।
🏛️ 51 साल से मेरठ जेल में नहीं दी गई किसी को फांसी, करम सिंह को दी गई थी आखिरी सजा-ए-मौत
जेल के रिकॉर्ड के मुताबिक, चौधरी चरण सिंह जिला जेल, मेरठ में पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से किसी भी कैदी को फांसी पर नहीं लटकाया गया है। यहां अंतिम बार 1975 में मुजफ्फरनगर के रहने वाले करम सिंह को फांसी दी गई थी। यदि साहिल और मुस्कान की फांसी की सजा बरकरार रहती है, तो साहिल इस जेल में फांसी पाने वाले दूसरे पुरुष होंगे, जबकि मुस्कान इकलौती महिला होंगी। इसके अलावा, साल 2014 में बहुचर्चित निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को भी इसी जेल में फांसी दिए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई थी, लेकिन अंतिम समय में कानूनी प्रक्रियाओं के चलते उसकी सजा टल गई थी और बाद में वह बरी हो गया था।
🔍 क्या था पूरा मामला? मर्चेंट नेवी अफसर की हत्या कर ड्रम में छिपाया था शव
यह सनसनीखेज मामला पिछले साल दुनिया भर में सुर्खियों में आया था, जब मर्चेंट नेवी के अफसर सौरभ राजपूत की हत्या उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने आशिक साहिल शुक्ला के साथ मिलकर की थी। सौरभ ने मुस्कान से लव मैरिज की थी, लेकिन बाद में मुस्कान के अपने कॉलेज के दोस्त साहिल के साथ अवैध संबंध बन गए। जब सौरभ उनके रिश्ते के बीच बाधा बना, तो दोनों ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को तीन टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में डाला गया और ऊपर से सीमेंट का घोल भरकर उसे हमेशा के लिए छिपाने की कोशिश की गई थी, जिसके बाद आरोपी हनीमून मनाने हिमाचल प्रदेश चले गए थे।

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