दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस कोर्स क्लब परिसर में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को गिराए जाने की आशंका के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार और ...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेस कोर्स क्लब परिसर में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को गिराए जाने की आशंका के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को केंद्र सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को मौखिक आश्वासन दिया कि मामले की अगली सुनवाई तक मस्जिद पर किसी भी तरह की तोड़फोड़ या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। जस्टिस अनीश दयाल की पीठ ने याचिकाकर्ता सैयद अहमद सऊद की दलीलों को सुनते हुए मामले की अगली सुनवाई गुरुवार के लिए तय कर दी है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि परिसर में जारी गतिविधियों से मस्जिद तक पहुंचने वाले नमाजियों को रोका जा रहा है और धार्मिक गतिविधियों पर बाधाएं खड़ी की जा रही हैं।
📜 1977 से वक्फ संपत्ति और ग्रेड-II हेरिटेज स्थल का दर्जा: सुरक्षा का हवाला देकर बिजली-पानी काटने का दावा
अदालत में याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि यह मस्जिद 1977 के सरकारी गजट के तहत वक्फ संपत्ति घोषित है और वर्ष 2009 के नोटिफिकेशन के अनुसार इसे 'ग्रेड-II विरासत स्थल' (Grade-II Heritage Site) का दर्जा प्राप्त है, जिससे बिना विशेष अनुमति के इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। याचिका में बिजली और पानी की आपूर्ति काटे जाने को संभावित तोड़फोड़ की आशंका से जोड़ा गया है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि परिसर में चल रहे तोड़फोड़ कार्यों के कारण नमाजियों की सुरक्षा के मद्देनजर अस्थाई तौर पर बिजली-पानी बंद किया गया था। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि परिसर में एक मंदिर भी स्थित है, और दोनों स्थानों के संबंध में विस्तृत निर्देश प्राप्त कर गुरुवार को कोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा।

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