नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य ...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयदशमी के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया है। पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में रामलीला ग्राउंड पर आयोजित भव्य दशहरा उत्सव में शामिल हुए पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रहित में देश की सभी संस्थाओं और राजनीतिक दलों को एक साथ खड़ा होना चाहिए और देश के दुश्मनों को मिलकर परास्त करना होगा। उन्होंने कहा कि विजयदशमी केवल एक त्योहार नहीं बल्कि भारत की प्राण ऊर्जा है, जो असत्य पर सत्य की विजय का विश्वास दिलाती है।
🏛️ रामराज्य सुशासन का मानदंड: पिछले 12 वर्षों में भारत वापस लाई गईं 650 से अधिक प्राचीन मूर्तियां, सांस्कृतिक धरोहर पर बोले प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने रामराज्य को सुशासन का मानदंड बताते हुए कहा कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं बल्कि गरीबों और वंचितों की सेवा करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट कितना भी बड़ा हो, हमें दूसरों के भरोसे बैठने के बजाय अपनी क्षमता पहचाननी चाहिए और जनभागीदारी से असंभव लक्ष्यों को संभव बनाना चाहिए। अपनी विरासत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र तभी प्रगति करता है जब उसमें आत्मसम्मान होता है। पिछले 12 वर्षों में देश की लूटी गई 650 से अधिक प्राचीन मूर्तियां वापस लाई जा चुकी हैं और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत के सांस्कृतिक केंद्रों को नई पहचान मिल रही है।

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