आईआईटी दिल्ली परिसर में 31 साल के एक छात्र द्वारा की गई आत्महत्या की घटना की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी निर्धारित स...
आईआईटी दिल्ली परिसर में 31 साल के एक छात्र द्वारा की गई आत्महत्या की घटना की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच कमेटी निर्धारित समयासीमा (30 सितंबर) तक अपनी अंतिम रिपोर्ट नहीं सौंप सकी है. रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा पूरी होने के बाद अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि जांच कमेटी डेडलाइन बढ़ाने की औपचारिक मांग करेगी, जिसके मंजूर होने के बाद रिपोर्ट सौंपने की तारीख में एक बार फिर इजाफा किया जाएगा.
📋 क्यों हुई देरी? कुछ छात्रों के बयान दोबारा दर्ज करने और जानकारी संकलित करने में लग रहा समय
इस मामले में जब जांच कमेटी से संपर्क किया गया तो उन्होंने देरी की वजह स्पष्ट करते हुए बताया कि कुछ छात्रों के बयान दोबारा दर्ज करने की आवश्यकता पड़ी, जिसके कारण जांच का दायरा थोड़ा और व्यापक हो गया है. कमेटी के मुताबिक, लगभग सभी छात्रों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और अब सारी जानकारियों को कंपाइल (संकलित) करने का काम चल रहा है. इस पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में लगभग एक हफ्ते का और समय लग सकता है.
⚖️ 23 अगस्त को हुई थी घटना, अशोक कुमार के हटने के बाद जस्टिस मुक्ता गुप्ता को सौंपी गई थी कमान
गौरतलब है कि गत 23 अगस्त को आईआईटी दिल्ली के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर फिजिक्स से एमएससी कर रहे 31 वर्षीय छात्र ने अपनी जान दे दी थी. इस घटना के बाद कैंपस में जोरदार प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद प्रशासन ने 25 अगस्त को स्वतंत्र जांच कमेटी का गठन किया था. शुरुआत में उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार को इसका चेयरमैन बनाया गया था, लेकिन उनके हटने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट की रिटायर्ड जज मुक्ता गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी का पुनर्गठन किया गया था, जिसे अब रिपोर्ट सौंपने के लिए अतिरिक्त समय की दरकार है.

कोई टिप्पणी नहीं