राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों के मौसम में गंभीर होने वाली वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ...
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों के मौसम में गंभीर होने वाली वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बेहद सख्त कदम उठाए हैं. नए आदेश के मुताबिक, अब पेट्रोल पंपों पर बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के वाहनों को पेट्रोल या सीएनजी ईंधन नहीं मिलेगा. आयोग ने एनसीआर के सभी संबंधित राज्यों और प्रवर्तन एजेंसियों को प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
🛑 फ्यूल स्टेशनों पर एएनपीआर कैमरे और बसों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध, बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों पर शिकंजा
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के दिशा-निर्देशों के तहत फ्यूल स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लगाने की तैयारियों की समीक्षा की गई है. इसके साथ ही, अब बाहरी राज्यों से आने वाली केवल इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 डीजल बसों को ही प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अन्य बसों पर ग्रैप (GRAP) के पहले चरण में ही रोक लगा दी जाएगी. इसके अलावा, सोनीपत समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर प्रतिबंध का दायरा बढ़ा दिया गया है.
⚡ ग्रैप के पहले चरण में ही बैन होंगे डीजल जनरेटर सेट, सड़क मरम्मत के जरूरी कामों को दी गई छूट
संशोधित ग्रैप नियमों के तहत अब डीजल जनरेटर सेटों पर पाबंदी दूसरे चरण की बजाय प्रदूषण के पहले चरण में ही लागू कर दी जाएगी, ताकि हवा की गुणवत्ता खराब होते ही इनके इस्तेमाल पर तुरंत रोक लग सके. हालांकि, जनता को राहत देने के लिए सड़क के गड्ढों की मरम्मत जैसे आवश्यक निर्माण कार्यों को छूट दी गई है ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों. बैठक में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के उपायों की भी समीक्षा की गई है.

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