देशभर में 'जेन जी' (Gen Z) आंदोलन की अगुआई कर रहे दो प्रमुख संगठनों—कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट असोसिएशन (AISA)—क...
देशभर में 'जेन जी' (Gen Z) आंदोलन की अगुआई कर रहे दो प्रमुख संगठनों—कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट असोसिएशन (AISA)—के नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर एक यूजर द्वारा जब अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की तुलना करते हुए नेहा बोरा को अधिक प्रतिभाशाली और संपूर्ण 'जेन जी' आइकन बताया गया, तो खुद अभिजीत दीपके ने इस बात पर अपनी सहमति जता दी। दीपके ने बिना किसी हिचकिचाहट के सोशल मीडिया पर लिखा कि "मैं सहमत हूं", जिससे उनकी परिपक्वता और खुलेपन की हर तरफ सराहना हो रही है।
✊ संगठन अलग लेकिन मुद्दे एक: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर से मुंबई तक गूंजी आवाज
भले ही अभिजीत दीपके और नेहा बोरा अलग-अलग छात्र संगठनों का नेतृत्व करते हैं, लेकिन बड़े मुद्दों पर दोनों की वैचारिक और मैदानी एकजुटता साफ दिखाई देती है। इससे पहले नीट पेपर लीक के मामले में भी नेहा बोरा ने तीन हफ्ते तक अनशन किया था। अब सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक तरफ जहां सीजेपी ने मुंबई में मोर्चा खोला है, वहीं दूसरी तरफ नेहा बोरा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आवाज बुलंद की है, जहां प्रदर्शन के दौरान उन्हें पुलिस ने हिरासत में भी लिया था।
🤝 आपसी सहयोग और पुराना जुड़ाव: आंदोलनों के जरिए युवा नेतृत्व को मिल रही है नई दिशा
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में इन दोनों युवा नेताओं के बीच तालमेल की चर्चा आम है। सीजेपी के गठन के बाद जब अभिजीत दीपके ने देश में आंदोलन की शुरुआत की थी, तब उन्होंने विभिन्न छात्र संगठनों से संपर्क साधा था। नेहा बोरा ने एक इंटरव्यू में साझा किया था कि दीपके ने उनसे फोन पर बातचीत कर आंदोलन में सहयोग मांगा था, जिसके बाद से दोनों के बीच का यह वैचारिक समन्वय लगातार मजबूत होता जा रहा है और युवा राजनीति को एक नई दिशा मिल रही है।

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