दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा दिल्ली की सरकार पर सरकारी स्कूलों की किताबों की छपाई में 40 प्रतिशत कमीशन और भ्रष्टाचार के लगाए गए आरोपो...
दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा दिल्ली की सरकार पर सरकारी स्कूलों की किताबों की छपाई में 40 प्रतिशत कमीशन और भ्रष्टाचार के लगाए गए आरोपों पर राज्य के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पलटवार किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने टेंडर से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज और मापने का स्केल मीडिया के सामने पेश करते हुए कहा कि 'आप' अपनी अंदरूनी खींचतान को छिपाने के लिए 'हूट एंड शूट' की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि तथ्यों और सबूतों के आधार पर कोई भी इन झूठे आरोपों की सच्चाई जांच सकता है।
📐 एनसीईआरटी की कीमत ₹65, हमने ₹28 में छापी: झूठे आंकड़े फैलाने वालों पर होगी सख्त जांच और कानूनी कार्रवाई
आशीष सूद ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि कक्षा 8 की हिंदी किताब 'मल्हार' को दिल्ली सरकार ने महज ₹28.61 में खरीदा है, जबकि एनसीईआरटी इसकी कीमत ₹65 तय करती है। वहीं, 2022 में 'आप' सरकार के दौरान इसी साइज की गृह विज्ञान की किताब ₹55 में छपी थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में किताबों की कीमत ₹110 से ₹133 तक पहुंच गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ने अधिकतम सीमा ₹51 तय की है। शिक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जनता को गुमराह करने व गलत जानकारी फैलाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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