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Connaught Place Clash: दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मोदी समर्थक कश्मीरी युवक की पिटाई, सामने आया बड़ा बयान

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे राजनीतिक माहौल के बीच दिल्ली में एक नया विवाद सामने आया है। कश्मीरी मुस्लिम युवक फह...

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे राजनीतिक माहौल के बीच दिल्ली में एक नया विवाद सामने आया है। कश्मीरी मुस्लिम युवक फहीम नाजिर ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त, ईवीएम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में अपनी बात रखने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। श्रीनगर के रहने वाले फहीम ने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की और देश को बचाने की बात कही।

📍 कनॉट प्लेस में लंच के दौरान हुई घटना, ईवीएम को लेकर रखी थी बात

यह पूरी घटना गुरुवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित उस स्थान के पास हुई, जहां एक रेस्टोरेंट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों के सांसदों को लंच पर आमंत्रित किया था। पीड़ित फहीम नाजिर ने मीडिया को बताया कि जब उसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सामने मोदी और ईवीएम के समर्थन में तर्क देने शुरू किए, तो वहां मौजूद लोगों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। घटना के बाद जब वह मीडिया से बात कर रहा था, तब भी कुछ लोगों ने उसे वहां से भगाने का प्रयास किया।

🇮🇳 'देश को नेपाल और बांग्लादेश नहीं बनने दूंगा': फहीम नाजिर

घटना के बाद फहीम फफक-फफक कर रो पड़े और उन्होंने लोकतंत्र पर सवाल उठाते हुए कहा, 'यह लोकतंत्र है? इस तरह मारा जाता है? मैंने राहुल गांधी को कोई गाली नहीं दी, लेकिन मुझे निशाना बनाया गया।' उन्होंने आगे कहा कि वह देश के नागरिक हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि देश को नेपाल या बांग्लादेश जैसी स्थिति में न जाने दें। ईवीएम के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश में ईवीएम लाने की शुरुआत सबसे पहले 1998 में राजीव गांधी के समय हुई थी।






 

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