दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में छात्र संघ (JMISU) की बहाली की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन मंगलवार को 16वें दिन ...
दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) में छात्र संघ (JMISU) की बहाली की मांग को लेकर चल रहा छात्रों का प्रदर्शन मंगलवार को 16वें दिन भी जारी रहा। इस बीच, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार देर रात एक सख्त नोटिस जारी कर प्रदर्शन स्थल को तुरंत खाली करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित छात्रों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती अभी भी बरकरार है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि यूनियन के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे, लेकिन छात्र एक निश्चित तारीख और समय-सीमा की मांग पर अड़े हुए हैं।
🛑 ऑनलाइन कक्षाओं और गेट सील करने का विरोध: नेता आशुतोष रांका ने BNS की धारा 163 को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
प्रशासन के रुख के खिलाफ छात्रों ने मंगलवार को भी जमकर नारेबाजी की और आंदोलन के चलते कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट करने तथा कैंपस की लाइब्रेरी व अन्य सुविधाओं को बंद किए जाने का कड़ा विरोध किया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय के गेट सील कर सुरक्षा गार्ड उन्हें पुलिस के हवाले कर रहे हैं। इस बीच इस पूरे घटनाक्रम पर सियासत भी गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जामिया के गेट नंबर सात का एक वीडियो शेयर करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसा है। वीडियो में बीएनएस की धारा 163 लागू होने का बैनर लगा नजर आ रहा है, जिस पर रांका ने लिखा कि केंद्र सरकार को हर समस्या का समाधान इसी धारा के रूप में मिल गया है।

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