प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में दिए गए 'गुस्सैल फूफा' (एंग्री अंकल्...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में दिए गए 'गुस्सैल फूफा' (एंग्री अंकल्स) वाले बयान पर अब सियासी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। एक दिन बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर प्रधानमंत्री पर कड़ा तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने यह पोस्ट आईने में खुद को देखने के बाद लिखा है। एसआरसीसी के इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सरकार की कल्याणकारी पहलों और विकास कार्यों की आलोचना करने वाले राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों को आड़े हाथों लिया था।
🚄 2. SRCC के मंच से पीएम मोदी ने गिनाए प्रोजेक्ट, कहा- 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी', यूपीआई और हाई-स्पीड ट्रेनों का विरोध करने वाले लोग बन जाते हैं 'फूफा'
छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज में दो तरह के लोग होते हैं; एक जो राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक योगदान देते हैं, और दूसरे वे जो हर काम शुरू होते ही 'गुस्सैल अंकल' बन जाते हैं। उनका एकमात्र काम हर नई पहल की उपयोगिता पर सवाल उठाना होता है। उन्होंने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी', हाई-स्पीड ट्रेनें, यूपीआई, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और नई संसद भवन जैसे प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भी देशहित में बड़े कदम उठाए गए, तब इन 'फूफा' लोगों ने हमेशा यही सवाल उठाया कि "इसकी क्या जरूरत है?"
🇮🇳 3. 2013 के अपने पुराने भाषण को किया याद, कहा- तब देश चुनौतियों से जूझ रहा था और आज भारत हर बाधा को पार कर रहा है
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने साल 2013 के अपने उस दौरे को भी याद किया जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर एसआरसीसी आए थे। उन्होंने कहा कि 2013 में देश में महंगाई, भ्रष्टाचार और आतंकी हमलों जैसी गंभीर चुनौतियां थीं और निराशा का माहौल था, लेकिन उन्होंने तब भी देश के विकास का एक मजबूत विजन पेश किया था। आज भारत ऐसे सभी आलोचकों और नकारात्मक सोच रखने वाले लोगों को पीछे छोड़कर निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

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