नोएडा: दो दशक पहले नोएडा के जिस निठारी गांव ने अपने बच्चों के गायब होने का गंभीर दर्द झेला था, वहां एक बार फिर पुरानी यादें ताजा हो गई हैं....
नोएडा: दो दशक पहले नोएडा के जिस निठारी गांव ने अपने बच्चों के गायब होने का गंभीर दर्द झेला था, वहां एक बार फिर पुरानी यादें ताजा हो गई हैं. बेटी ज्योति को खो चुके झब्बू लाल और उनकी पत्नी सुनीता ने कहा कि सुरेंद्र कोली के आत्महत्या करने की बात उनके गले नहीं उतर रही है. उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.
🏚️ 2. दिसंबर 2006 में नाले से मानव अवशेष मिलने के बाद सुर्खियों में आई थी 'कोठी डी-5', आज भी ग्रामीणों के मन में बना हुआ है डर
निठारी निवासी 72 वर्षीय रोहताश कुमार और ओमप्रकाश ने बताया कि दिसंबर 2006 में नाले में एक मासूम का पंजा मिलने के बाद घटनाओं की कड़ियां जुड़ी थीं और सेक्टर-31 स्थित डी-5 कोठी जांच एजेंसियों के घेरे में आई थी. इस वीभत्स घटना के बाद से आज भी स्थानीय ग्रामीणों के मन में उस कोठी और उससे जुड़े खौफनाक मंजर का डर साफ देखा जा सकता है.
🔍 3. 20 साल बाद भी अनसुलझे रहे निठारी के राज, 19 मासूमों की हत्या का सच अब भी पहेली बना हुआ है
तमाम जांच एजेंसियों की कार्रवाई और दावों के बावजूद यह राज कभी पूरी तरह से नहीं खुल सका कि आखिर उस कोठी के भीतर मासूमों की हत्या किसने की थी और इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था. सुरेंद्र कोली की मौत के साथ ही अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि निठारी कांड के कई अनसुलझे रहस्य हमेशा के लिए दफन हो गए हैं और पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस लगाए बैठा है.

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