एमसीडी ने दिल्ली के सभी 12 जोनों में खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माणों और मास्टर प्लान (MPD) व बिल्डिंग बाय-लॉ के उल्लंघनों के खिलाफ अपना अभ...
एमसीडी ने दिल्ली के सभी 12 जोनों में खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माणों और मास्टर प्लान (MPD) व बिल्डिंग बाय-लॉ के उल्लंघनों के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है. शनिवार को चलाए गए विशेष प्रवर्तन अभ्यास के तहत एमसीडी ने कुल 33 डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) की कार्रवाई को अंजाम दिया. इसके अलावा, बिल्डिंग मानदंडों के उल्लंघन के आरोप में 5 संपत्तियों को सील कर दिया गया तथा 29 संपत्तियों को कारण बताओ (शो कॉज) नोटिस जारी किए गए. इससे पहले शुक्रवार को भी 25 संपत्तियां ध्वस्त और 4 सील की गई थीं.
🔨 2. रोहिणी, नेहरू विहार और गांधी विहार समेत कई प्रमुख इलाकों में गरजा बुलडोजर, खतरनाक इमारतों पर हुई सख्त कार्रवाई
शनिवार के इस व्यापक अभियान के दौरान नॉर्थ जोन के नेहरू विहार और गांधी विहार में खतरनाक इमारतों के खिलाफ प्रमुख डिमोलिशन कार्रवाई की गई. वहीं, नॉर्थ वेस्ट जोन के रोहिणी सेक्टर-3 में तीसरी मंजिल की छत पर बने अवैध आरसीसी पैनल को तोड़ा गया और गैस कटर से रीइन्फोर्समेंट को काटा गया. इसके अलावा विजय विहार, रोहिणी सेक्टर 15-16, साउथ जोन के सतबरी व सैनिक फार्म्स, नॉर्थ ईस्ट जोन के भजनपुरा व शाहदरा, साउथ वेस्ट जोन के द्वारका और वेस्ट जोन के राजौरी गार्डन में भी सख्त कार्रवाई की गई.
🏠 3. दिल्लीभर में पीजी (PG) आवासों का व्यापक फील्ड सर्वे शुरू, लगभग 2251 भवनों की पहचान कर जुटाया जा रहा डेटा
नियामक और प्रवर्तन पहलों के तहत एमसीडी ने पूरी दिल्ली में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों का एक विस्तृत फील्ड सर्वे भी शुरू कर दिया है. अब तक किए गए सर्वेक्षण में लगभग 2,251 ऐसे भवनों की पहचान की गई है जहां पीजी सुविधाएं चल रही हैं और इनमें लगभग 47,000 लोग रह रहे हैं. एमसीडी इस डेटा को समेकित कर रही है ताकि स्थापित नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सके. निगम ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सुरक्षा की रक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.

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