दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो ...
दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 में कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन NSUI की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस खराब प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए NSUI प्रभारी कन्हैया कुमार और अध्यक्ष विनोद जाखड़ को अपने पास बुलाया और उनसे तीखा जवाब-तलब किया. इस बैठक के दौरान उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बड़ी जीत हासिल करने वाले दीपांशु शौकीन का मुद्दा सबसे अहम केंद्र बिंदु रहा.
🗳️ दीपांशु शौकीन के टिकट विवाद पर छिड़ी बहस, कांग्रेस ने किया था ऑफर का दावा
चुनाव के दौरान शुरुआती दौर में ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि दीपांशु शौकीन को NSUI की तरफ से टिकट नहीं दिया गया था, जिसके चलते उन्होंने निर्दलीय मैदान में उतरकर जीत दर्ज की. हालांकि, कांग्रेस ने बाद में स्पष्ट किया कि शौकीन को अध्यक्ष पद का टिकट ऑफर किया गया था, लेकिन उन्होंने खुद ही इसे अस्वीकार कर दिया था. एआईसीसी (AICC) में रिसर्च और मॉनिटरिंग के प्रभारी अमिताभ दुबे ने भी यह साफ किया था कि टिकट न मिलने का दावा पूरी तरह गलत है.
📉 NSUI का खराब प्रदर्शन और उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु की शानदार जीत
सितंबर 2026 में संपन्न हुए DUSU चुनावों में दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर 30,615 वोट हासिल कर भारी अंतर से जीत दर्ज की. उनके मुकाबले दूसरे स्थान पर रहे ABVP के इशु मौर्या को 16,910 वोट मिले, जबकि NSUI के आधिकारिक उम्मीदवार वीर चतरथ महज 4,313 वोट ही जुटा सके. चुनाव में NSUI को सभी चारों केंद्रीय पदों पर असफलता का मुंह देखना पड़ा, जबकि ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पदों पर कब्जा जमाया. इस करारी हार के बाद से ही संगठन के भीतर टिकट वितरण और स्थानीय नेताओं के दखल पर सवाल उठ रहे हैं.
❓ 'हम जीत के इतने करीब थे, फिर क्या हुआ?': राहुल गांधी के तीखे सवाल
सोमवार को हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में राहुल गांधी ने कन्हैया कुमार और विनोद जाखड़ से सीधे शब्दों में पूछा कि जब पार्टी अध्यक्ष पद जीतने के बेहद करीब थी, तब ऐसी क्या चूक हुई कि प्रदर्शन इतना खराब रहा. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने चुनाव प्रबंधन, रणनीति, उम्मीदवार चयन और प्रचार प्रसार के तरीकों को लेकर दोनों नेताओं के प्रति गहरी नाराजगी जताई और पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

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