दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन मतदाताओं को 'विसंगतियों' के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, अब उन्...
दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन मतदाताओं को 'विसंगतियों' के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं, अब उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, अब बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) खुद मतदाताओं के घरों पर आकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे.
🏠 मतदाताओं के लिए सुनवाई प्रक्रिया हुई आसान, कार्यालयों के चक्कर काटने से मिलेगी राहत
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कदम का मुख्य मकसद मतदाताओं के लिए सुनवाई प्रक्रिया को बेहद आसान बनाना और उनकी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) तथा सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत को कम करना है. अब नागरिकों को अपने दस्तावेज जमा करने के लिए लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा.
💻 बीएलओ सीधे 'ईसीआईनेट' पर अपलोड करेंगे दस्तावेज, ऑनलाइन होगी विशेष सुनवाई
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि बीएलओ सीधे लोगों के घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे और इसके बाद उन्हें 'ईसीआईनेट' पोर्टल पर अपलोड करेंगे, ताकि ईआरओ उस पर उचित निर्णय ले सकें. ऐसे लोगों को ईआरओ या एईआरओ कार्यालय में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा. निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुनवाई केवल विशेष परिस्थितियों में ही होगी, जिसका फैसला ईआरओ करेंगे और ऐसी सुनवाई को यथासंभव ऑनलाइन ही आयोजित किया जाएगा.
👨👩👧👦 परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य कर सकेगा प्रतिनिधित्व, 30 अक्टूबर तक बढ़ाई गई अवधि
बयान में यह भी जानकारी दी गई कि जरूरत पड़ने पर मतदाता के परिवार का कोई अन्य वयस्क सदस्य भी उसकी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत किया जा सकता है. निर्वाचन आयोग ने 25 सितंबर को दिल्ली में जारी एसआईआर के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि एक महीने बढ़ाकर 30 अक्टूबर तक कर दी है. इसके साथ ही, नोटिसों और दावों-आपत्तियों के निपटारे की समयसीमा भी बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है, जबकि अब अंतिम (फाइनल) वोटर लिस्ट का प्रकाशन आगामी 4 दिसंबर को किया जाएगा.

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