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Delhi Protest Investigation Panel: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की हाई-पावर्ड कमेटी के पुनर्गठन की मांग, कहा- आरोप केवल अटकलें और धारणाएं हैं

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों की जांच के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी का ...

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों की जांच के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी का पुनर्गठन करने से साफ इनकार कर दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि पैनल के खिलाफ लगाए गए आरोप केवल अटकलें और पूर्वाग्रह से ग्रसित धारणाएं हैं. मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने कहा कि इस कमेटी का गठन पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और उच्चतम मानकों के साथ अदालत की सहायता करने के लिए किया गया है.

🛡️ 2. गवाहों की पहचान गुप्त रखने और ऑनलाइन पोर्टल बनाने का निर्देश, संवेदनशील मामलों की होगी जांच

सुप्रीम कोर्ट ने हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) से कहा है कि वह पैलेट गन के इस्तेमाल, टारगेटेड हिंसा, महिला प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न और दोनों तरफ से हुई हिंसा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच आगे बढ़ाए. कोर्ट ने संवेदनशील गवाहों को सुरक्षा देने और उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखने का अनुरोध किया है. इसके अलावा, गवाहों और अन्य संबंधित लोगों के लिए दस्तावेज व सबूत सुरक्षित रूप से जमा करने वास्ते एक अलग ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव भी दिया गया है.

👥 3. प्रशांत भूषण द्वारा उठाए गए हितों के टकराव के मुद्दों को कोर्ट ने नकारा, एसजी तुषार मेहता ने किया विरोध

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पैनल के एक सदस्य पर हितों के टकराव का आरोप लगाया था, जिसके समर्थन में वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन भी नजर आए. हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन दलीलों का कड़ा विरोध किया. सुप्रीम कोर्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूर्व जज आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाले इस पैनल में शामिल सभी सदस्यों की अपनी विशेषज्ञता और अनुभव हैं, जिन पर अदालत को पूरा भरोसा है.

🏛️ 4. कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध मार्च से जुड़ा है मामला, जल्द से जल्द सदस्य सचिव नियुक्त करने के निर्देश

गौरतलब है कि यह पूरा मामला 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए विरोध मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा के आरोपों की जांच से जुड़ा है. इस कमेटी में पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी के साथ-साथ रवि शंकर झा, शालिंदर कौर, ऋषि कुमार शुक्ला और एल.आर. बिश्नोई शामिल हैं. कोर्ट ने कमेटी को अपना काम सुचारू रूप से चलाने के लिए जल्द से जल्द एक सदस्य सचिव नियुक्त करने के निर्देश भी दिए हैं.







 

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