Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Delhi CM Rekha Gupta Slams Rahul Gandhi: राहुल गांधी के मानसिक दिवालियापन और मिमिक्री विवाद पर सीएम रेखा गुप्ता का तीखा हमला

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और उस पर कांग्रेस नेता रा...

मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और उस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गई है। कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने पीएम मोदी की हालिया रैली में बुजुर्ग महिला को कुर्सी देने की घटना और विदेशी नेताओं से मुलाकातों की नकल उतारी थी। भाजपा ने आरोप लगाया है कि इस तरह के मंच के जरिए प्रधानमंत्री और मातृशक्ति का मजाक उड़ाया गया है, जिस पर राहुल गांधी को हंसते हुए देखा गया।

🇮🇹 2. मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का तीखा हमला— 'शायद इटली के संस्कारों में मां हंसी का पात्र होती होगी, लेकिन भारत में मां भगवान का रूप है'

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट करता है कि सोनिया गांधी ने अपने बेटे को कैसे संस्कार दिए हैं। सिरसा ने सोशल मीडिया और बयान के जरिए कहा, “शायद इटली के संस्कारों में मां हंसी का पात्र होती होगी, लेकिन भारत में मां भगवान का रूप होती है राहुल जी। एक सार्वजनिक मंच से दुनिया भर की मां का उपहास उड़ाना और उस पर खिलखिलाकर हंसना शर्मनाक है।” उन्होंने कहा कि राहुल अपनी ओछी मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं।

🏛️ 3. सीएम रेखा गुप्ता बोलीं— 'मानसिक दिवालियापन के शिकार हो चुके हैं राहुल गांधी, भारतीय समाज ऐसी अमर्यादित राजनीति कभी स्वीकार नहीं करेगा'

वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें मानसिक दिवालियापन का शिकार बताया है। सीएम ने कहा, “मां के अपमान पर हंसकर राहुल गांधी ने अपने राजनीतिक संस्कार पूरे देश के सामने रख दिए हैं। राजनीति में विरोध और वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी की मां पर अमर्यादित टिप्पणी और उस पर उपहास की राजनीति भारतीय समाज कभी स्वीकार नहीं कर सकता।” भाजपा के तमाम नेताओं का कहना है कि विपक्ष को विरोध नीतियों का करना चाहिए, न कि संस्कारों और मर्यादाओं का पतन दिखाना चाहिए।







 

कोई टिप्पणी नहीं