राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम के दौरान बढ़ने वाले गंभीर वायु प्रदूषण (AQI) से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक सख्त ऐक्शन प्...
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्दियों के मौसम के दौरान बढ़ने वाले गंभीर वायु प्रदूषण (AQI) से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने एक सख्त ऐक्शन प्लान तैयार किया है. इसके तहत शहर के 500 पेट्रोल पंपों पर पीयूसीसी (PUCC) की जांच को और अधिक तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. गाड़ियों से होने वाले धुएं और प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए पार्किंग चार्ज को दोगुना करने का फैसला किया गया है, ताकि लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो का अधिक से अधिक उपयोग करें.
⏰ 2. ऑफिस के समय में बदलाव और 50% वर्क फ्रॉम होम का फॉर्मूला: 1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए हैं. 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक सरकारी और निजी दफ्तरों के समय में बदलाव किया जाएगा, जिसमें एमसीडी के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5:00 बजे तक और जीएनसीटीडी के दफ्तर सुबह 10:00 से शाम 6:30 बजे तक चलेंगे. इसके अलावा, प्रदूषण को कम करने के लिए सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' का नियम लागू किया जाएगा ताकि सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम हो सके.
🚧 3. निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रहेगा कड़ा प्रतिबंध: 1 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूरी तरह रोक
सर्दियों के महीनों में धूल और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाली गतिविधियों पर शिकंजा कसा जाएगा. इसके साथ ही, आगामी 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक शहर में किसी भी प्रकार के निर्माण और तोड़-फोड़ (Construction & Demolition) के कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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