कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं से जब भी भविष्य में चुनावी राजनीति में उतरने को लेकर सवाल किया जाता है, तो वे सीधा 'हां या ना' मे...
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं से जब भी भविष्य में चुनावी राजनीति में उतरने को लेकर सवाल किया जाता है, तो वे सीधा 'हां या ना' में जवाब देने से बचते हैं। वे फिलहाल खुद को प्रेशर ग्रुप के रूप में देखना चाहते हैं। हाल ही में सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास ने एक इंटरव्यू में इस असमंजस की वजह का खुलासा करते हुए बताया कि वे अरविंद केजरीवाल के 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन के अनुभवों से सीख ले रहे हैं।
📉 2. केजरीवाल के यूटर्न और वादों से ली गई सीख, भविष्य को लेकर बड़े दावे करने से बच रहे हैं सीजेपी नेता
सौरभ दास ने याद दिलाया कि 2011-13 के आंदोलन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कभी राजनीति में न आने की बात कही थी, लेकिन बाद में आम आदमी पार्टी बनाकर उन्हें अपने कई वादों से पीछे हटना पड़ा था। इसी इतिहास से सबक लेते हुए अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास जैसे सीजेपी नेता भविष्य को लेकर कोई भी बड़ा दावा करने या घोषणा करने से परहेज कर रहे हैं ताकि जनता के सामने असहज स्थिति न बने।
🌟 3. अच्छे लोगों के राजनीति में जाने की पैरवी, बोले- 'जिंदगी समुद्र की लहरों की तरह है, नेवर से नेवर इन लाइफ'
सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि पार्टी का मकसद अच्छे लोगों को राजनीति में भेजने के लिए प्रेरित करना है ताकि वे विधायक और सांसद बनकर सिस्टम को अंदर से सुधार सकें। उन्होंने कहा कि समय और हालात के अनुसार फैसले लिए जाते हैं, इसलिए भविष्य की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। पार्टी नेता वर्तमान में रहकर समाज और देशहित के मुद्दों पर फोकस करना चाहते हैं।

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