चीन की ऐतिहासिक और दुनिया की सात अजूबों में शुमार 'ग्रेट वॉल' (मशहूर दीवार) के डैमेज होने की बड़ी खबर सामने आई है. चीनी सरकारी अधिका...
चीन की ऐतिहासिक और दुनिया की सात अजूबों में शुमार 'ग्रेट वॉल' (मशहूर दीवार) के डैमेज होने की बड़ी खबर सामने आई है. चीनी सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस प्राचीन दीवार में करीब 19 फीट (6 मीटर) का एक बड़ा छेद या गड्ढा हो गया है, जिसे देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि दीवार के बिल्कुल नजदीक चल रहे अवैध खनन कार्य के चलते यह खतरनाक गड्ढा बना है.
⛏️ 2. कोयला खनन के दौरान बरती गई भारी लापरवाही, कचरा ठिकाने लगाने के लिए दीवार में किया गया छेद
चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, गुओजियायाओ प्रांत में स्थित इस दीवार को साल 2015 में पहली बार आंशिक रूप से डैमेज देखा गया था, जो अब बढ़कर 19 फीट का हो चुका है. यहां 2007 से कोयला खनन का कार्य चल रहा था, और जिस कंपनी को इसका ठेका दिया गया था उसने सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया. खदान से निकलने वाले कचरे को ठिकाने लगाने के लिए दीवार में यह छेद किया गया था, जिसे सरकार ने गंभीर लापरवाही माना है.
⚖️ 3. चीनी सरकार ने लिया सख्त एक्शन, खनन कंपनी पर 1.5 लाख डॉलर का जुर्माना और अधिकारी हिरासत में
विशेषज्ञों द्वारा सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद प्रशासन ने तुरंत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. लापरवाही बरतने वाली खनन कंपनी पर 1.5 लाख डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है, साथ ही कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को भी हिरासत में ले लिया गया है. गौरतलब है कि चीन में साल 2006 से इस ऐतिहासिक दीवार की सुरक्षा के लिए कड़े कानून लागू हैं, जिसके तहत इसके आसपास किसी भी प्रकार के निर्माण या खनन कार्य पर पूरी तरह प्रतिबंध है.

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