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Amit Shah Speech: "डोभाल जी की बदौलत सुलझे थे 13 सीरियल ब्लास्ट", लोकमान्य तिलक अवॉर्ड समारोह में बोले अमित शाह

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार ...


नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित किया। इस अवसर पर गृह मंत्री ने देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा में अजीत डोभाल के अतुलनीय योगदान की जमकर सराहना की।

अमित शाह ने कहा, "जब भी भारत की सुरक्षा का इतिहास लिखा जाएगा और कोई आंतरिक व बाहरी सुरक्षा का निष्पक्ष विश्लेषण करेगा, तो अजीत डोभाल जी के योगदान के लिए एक स्वर्णिम पन्ना सुरक्षित रखा जाएगा; इसमें कोई संदेह नहीं है।"

गृह मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने तिलक जी को एक 'युग पुरुष', महान शिक्षक, निडर पत्रकार और कर्मयोगी बताते हुए कहा कि उन्होंने "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है" का नारा देकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी और देशवासियों के दिलों में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना जगाई।

💣 अहमदाबाद ब्लास्ट केस का संस्मरण: 'अजीत डोभाल की टिप्स से गुजरात पुलिस ने सुलझाए थे 13 सीरियल ब्लास्ट'

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकमान्य तिलक की ऐतिहासिक निडरता की तुलना अजीत डोभाल की कार्यकुशलता से करते हुए अपने गुजरात के गृह मंत्री कार्यकाल का एक महत्वपूर्ण किस्सा साझा किया।

अमित शाह ने बताया, "जब देश में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे, तब मेरी अजीत डोभाल जी से कोई सीधी पहचान नहीं थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझसे कहा था कि यह केवल एक बम ब्लास्ट नहीं है, इसके पीछे के व्यापक नेटवर्क की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मुझे अजीत डोभाल जी को बुलाकर पुलिस अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी।"

गृह मंत्री ने आगे कहा, "मुझे अच्छी तरह याद है कि अजीत डोभाल जी दोपहर के समय मेरे घर आए थे। उन्होंने जो रणनीतिक इनपुट्स और टिप्स दिए, उसी का परिणाम था कि गुजरात पुलिस ने न केवल अहमदाबाद बम ब्लास्ट, बल्कि देशभर में हुए 13 सीरियल बम ब्लास्ट के मामलों को एक साथ सुलझा लिया था। यह भारतीय जांच एजेंसियों के लिए बहुत बड़ी सफलता थी।"

🌐 मजबूत रीढ़ वाली विदेश नीति: PM मोदी और डोभाल के नेतृत्व में बढ़ा भारत का वैश्विक मान

अमित शाह ने जोर देकर कहा कि 2014 से पहले भारत की विदेश नीति में जिस मजबूती की कमी थी, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और NSA अजीत डोभाल की कार्यशैली ने एक 'मजबूत रीढ़ वाली विदेश नीति' में बदल दिया है।

उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली महत्वपूर्ण नियुक्ति के रूप में अजीत डोभाल को NSA बनाया। आज भारत ने पूरे आत्म-सम्मान के साथ वैश्विक मंचों पर अपनी स्थिति को बेहद मजबूत किया है।

अमित शाह ने अंत में कहा कि 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार' केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं है, बल्कि यह देश के लिए जीने और काम करने वाले हर नागरिक के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत है। आज अजीत डोभाल जी को मिला यह सम्मान देश सेवा में लगे हर व्यक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।







 

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