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Noida Hospital Incident: कोर्ट के आदेश पर अस्पताल पहुंची रेप पीड़िता का हुआ अबॉर्शन, DNA जांच के लिए भेजा गया भ्रूण

नोएडा: नोएडा में दुष्कर्म के कारण करीब पांच महीने की गर्भवती एक 14 वर्षीय किशोरी को पुलिस शनिवार को अदालत और बाल कल्याण समिति ( CWC ) के आद...


नोएडा: नोएडा में दुष्कर्म के कारण करीब पांच महीने की गर्भवती एक 14 वर्षीय किशोरी को पुलिस शनिवार को अदालत और बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेश पर जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने किशोरी को दवा देने के बाद कुछ समय के लिए मेडिकल निगरानी में रहने को कहा था। इसी दौरान बाथरूम गई किशोरी का अचानक गर्भपात (Abortion) हो गया। घटना के बाद यह अफवाह और चर्चा फैल गई कि भ्रूण को कूड़ेदान में फेंक दिया गया था, हालांकि जिला अस्पताल प्रबंधन ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पुलिस ने भ्रूण को DNA जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला (Forensic Lab) भेज दिया है।

⚖️ पड़ोसी आरोपी देशराज ने डरा-धमकाकर किया था दुष्कर्म: पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और जांच के मुताबिक, पीड़िता के पड़ोस में रहने वाला देशराज लंबे समय से 14 वर्षीय किशोरी पर बुरी नजर रख रहा था:

  • किडनैपिंग और दुष्कर्म: बीते महीने आरोपी किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब इस बात की जानकारी परिजनों को हुई, तो उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई।

  • बरामदगी और गिरफ्तारी: पुलिस ने तुरंत दो विशेष टीमों का गठन कर किशोरी को सकुशल बरामद किया और आरोपी देशराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

  • मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा: परिजनों के बयान और मेडिकल जांच के दौरान खुलासा हुआ कि किशोरी करीब 5 महीने की गर्भवती है। इसके बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो (POCSO) और दुष्कर्म की अन्य सख्त धाराएं जोड़ीं।

🏥 अदालत के आदेश पर अस्पताल पहुंची थी पुलिस: दवा देने के बाद बिगड़ी तबीयत

किशोरी की कम उम्र और स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए पुलिस ने अदालत और बाल कल्याण समिति के समक्ष विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत की थी:

  • शुक्रवार को मिला आदेश: कोर्ट ने परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को किशोरी का सुरक्षित मेडिकल गर्भपात कराने की अनुमति दी।

  • शनिवार की घटना: शनिवार को पुलिस किशोरी को लेकर जिला अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने तय प्रक्रिया के तहत दवा दी और आराम करने की सलाह दी। इसी बीच बाथरूम जाने पर उसका गर्भपात हो गया, जिसके बाद तुरंत अस्पताल के कर्मचारियों और पुलिस को सूचित किया गया।

🔬 कूड़े में भ्रूण फेंकने के आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन और पुलिस का स्पष्टीकरण

घटना के बाद अस्पताल परिसर में यह चर्चा होने लगी कि भ्रूण को कथित तौर पर कूड़ेदान से बरामद किया गया है। इस पर अधिकारियों ने स्थिति साफ की:

  • अशोक कुमार झा (CMS, जिला अस्पताल): "कोर्ट के आदेश पर पुलिस किशोरी को गर्भपात के लिए लाई थी। डॉक्टरों द्वारा दवा देने के बाद आराम करने को कहा गया था, इसी दौरान बाथरूम में गर्भपात हो गया। डॉक्टरों ने नियमानुसार भ्रूण को सुरक्षित प्रिजर्व कर DNA जांच के लिए लैब भेजा है। कूड़े में फेंकने की बात पूरी तरह गलत और निराधार है।"

  • राकेश प्रताप सिंह (ACP): "किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोप में केस दर्ज कर आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। कोर्ट के आदेश के तहत शनिवार को गर्भपात की प्रक्रिया कराई जा रही थी, जिस दौरान यह घटना हुई। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।"







 

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