नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई20 (E20) पेट्रोल के खिलाफ जारी आंदोलन को तेज करते हुए बड़ा ऐलान किय...
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई20 (E20) पेट्रोल के खिलाफ जारी आंदोलन को तेज करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि वह आगामी मंगलवार को 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च करेंगे।
केजरीवाल ने समर्थकों से आह्वान करते हुए कहा कि उनके साथ केवल वही 100 लोग आएं जिन्हें लाठी-डंडे खाने या जेल जाने से डर न लगता हो। इसके साथ ही उन्होंने ई20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार के सामने अपनी तीन प्रमुख मांगें भी रखी हैं।
📜 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब' में टाउनहॉल: ज्ञापन सौंपने लोक कल्याण मार्ग कूच करेंगे केजरीवाल
दिल्ली के 'कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया' में ई20 ईंधन पर आयोजित एक 'टाउन हॉल' बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी रणनीति का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि वह मंगलवार दोपहर को हस्ताक्षर अभियान के तहत जुटाए गए ज्ञापन पत्र को इकट्ठा करेंगे। इसके बाद लगभग 100 कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास की ओर शांतिपूर्ण कूच करेंगे और जनता की चिंताओं से पीएम को अवगत कराएंगे।
⛽ क्या हैं केजरीवाल की 3 प्रमुख मांगें? शुद्ध पेट्रोल का विकल्प और कीमतों में कटौती शामिल
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार के समक्ष आम वाहन चालकों की समस्याओं को देखते हुए तीन मुख्य मांगें रखी हैं:
पेट्रोल पंपों पर विकल्प: देश के सभी पेट्रोल पंपों पर लोगों को 'ई20' और 'शुद्ध पेट्रोल' (Pure Petrol) के बीच अपनी पसंद चुनने का विकल्प मिलना चाहिए।
कीमतों में कटौती: ई20 पेट्रोल के दाम कम किए जाएं और साथ ही पेट्रोल की समग्र दरों में भी कटौती की जाए।
स्टडी रिपोर्ट सार्वजनिक हो: सरकार उस वैज्ञानिक रिपोर्ट को सार्वजनिक करे जिसका हवाला देकर यह दावा किया जा रहा है कि ई20 से वाहनों के इंजन को नुकसान नहीं पहुंचता।
📑 "रिपोर्ट सार्वजनिक करे सरकार": अमेरिका को खुश करने के लिए इथेनॉल थोपने का लगाया आरोप
टाउनहॉल को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार के उस दावे पर सवाल उठाए जिसमें कहा गया है कि ई20 पेट्रोल पर स्टडी की जा रही है और इससे वाहनों को नुकसान नहीं होता। केजरीवाल ने कहा, "मैं चाहता हूं कि सरकार उस अध्ययन रिपोर्ट को जनता के सामने सार्वजनिक करे। सच्चाई यह है कि सरकार कोई स्टडी नहीं कर रही, केवल देश की जनता को धोखा दे रही है।"
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका को खुश करने के लिए देश की जनता पर जबरदस्ती इथेनॉल थोपा जा रहा है, जिससे आम लोगों की गाड़ियों के इंजन खराब होने का खतरा बना हुआ है।

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