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US Tariff Bill India: रूसी तेल खरीदने पर अमेरिकी सीनेट ने पास किया बिल, केजरीवाल बोले- हर फैसले में ट्रम्प का दखल

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नर...


नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा निशाना साधा है।

केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार के हर छोटे-बड़े फैसले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का सीधा दखल नजर आता है। केजरीवाल का यह कड़ा बयान उस समय आया है, जब अमेरिकी सीनेट ने एक नया बिल पास किया है, जिसके तहत भारत समेत पांच देशों पर रूसी तेल खरीदने के लिए 100 प्रतिशत तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया जा सकता है।

📱 सोशल मीडिया 'एक्स' पर निकाली भड़ास: 'ट्रम्प की हर सही-गलत बात मानते हैं मोदी'

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अमेरिकी बिल से जुड़ी एक खबर साझा करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया:

  • देश के अपमान का आरोप: आप प्रमुख ने लिखा, "देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने, ट्रम्प की गुलामी स्वीकार करने और भारत को अपमानित कराने के बाद मोदी देश को इस स्थिति में ले आए हैं।"

  • हर क्षेत्र में भारत विरोधी फैसले: केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ट्रम्प की हर बात मान लेते हैं, चाहे वह सही हो या गलत। दूसरी ओर, ट्रम्प प्रशासन लगातार हर क्षेत्र में भारत के खिलाफ ही फैसले ले रहा है।

📜 अमेरिकी सीनेट में पास हुआ विवादित बिल: भारत समेत पांच देशों पर 100% तक टैरिफ का खतरा

अमेरिकी सीनेट ने भारी बहुमत से एक विधेयक को मंजूरी दी है, जिसका सीधा असर भारत के ऊर्जा व्यापार पर पड़ सकता है:

  • बिल का उद्देश्य: सीनेट ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक इस विधेयक को 11 के मुकाबले 86 मतों से पास किया। अमेरिका का मानना है कि रूस के साथ तेल व्यापार से यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा मिल रहा है।

  • भारत सहित 5 देशों पर असर: यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को रूस से सर्वाधिक तेल आयात करने वाले पांच देशों— भारत, चीन, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया से आने वाले सामान पर 100% तक आयात शुल्क लगाने का अधिकार देता है।

  • ईरान पर भी पाबंदी: इस बिल में 1996 के ईरान प्रतिबंध अधिनियम की अवधि को 2031 तक बढ़ाने का भी प्रावधान शामिल है। इस बिल के पास होने से भारत में सियासी घमासान तेज हो गया है।

🛢️ इथेनॉल और E20 पॉलिसी पर भी उठाए थे सवाल: केजरीवाल का अमेरिका-परस्त नीतियों का आरोप

विदेशी तेल और व्यापार नीतियों को लेकर अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में इथेनॉल ब्लेंडिंग के मुद्दे पर भी मोदी सरकार को घेरा था:

  • अमेरिका को फायदा पहुंचाने का आरोप: केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार की E20 पॉलिसी का मुख्य मकसद अमेरिका में बचे हुए इथेनॉल के लिए भारतीय बाजार तैयार करना था।

  • बिना तैयारी नीति लागू: उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को अपग्रेड किए बिना ही जल्दबाजी और जबरदस्ती E20 पॉलिसी लागू कर दी, जिसका नुकसान देश को उठाना पड़ रहा है।







 

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