ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक सार्वजनिक रैली के दौरान स्याही फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आ...
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर एक सार्वजनिक रैली के दौरान स्याही फेंकने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस घटना के बाद नेहा बोरा ने प्रशासन से सुरक्षा में हुई भारी चूक के लिए जवाबदेही की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती थी, तो एक संदिग्ध व्यक्ति कड़े सुरक्षा घेरे को तोड़कर महिला प्रदर्शनकारियों तक कैसे पहुंच गया? मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पुलिसकर्मियों की लापरवाही की निंदा की और हमलावर के खिलाफ निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की।
👤 आरएसएस सदस्य पर हमले का आरोप: हमलावर की पहचान अमरनाथ पांडे के रूप में हुई
आइसा प्रेसिडेंट नेहा बोरा ने हमलावर की पहचान उजागर करते हुए गंभीर आरोप लगाए:
हमलावर की पहचान: उन्होंने दावा किया कि स्याही फेंकने वाले व्यक्ति का नाम अमरनाथ पांडे (उम्र 26 वर्ष) है, जो झारखंड के हजारीबाग का रहने वाला है और कथित तौर पर आरएसएस (RSS) से जुड़ा है।
सुरक्षा पर सवाल: उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि पुलिस और प्रशासन निष्पक्षता से जांच करे और स्पष्ट करे कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद वह व्यक्ति उस जगह तक कैसे पहुंच गया जहां महिलाएं खड़ी होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं?"
✊ 'अधिकारों के लिए लड़ सकते हैं छात्र': देशव्यापी छात्र आंदोलन के जज़्बे को सराहा
नेहा बोरा ने देश भर में चल रहे छात्र आंदोलनों और युवाओं के जुझारू जज़्बे पर बल दिया:
संघर्ष से सफलता: उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न कोनों में हुए विरोध-प्रदर्शनों ने यह साबित कर दिया है कि छात्र अपने संवैधानिक और बुनियादी अधिकारों के लिए आवाज उठा सकते हैं।
झारखंड के छात्रों की सराहना: उन्होंने आगे कहा, "सत्ता में बैठे लोग भले ही कहें कि आपकी मांगें पूरी होना असंभव है, लेकिन निरंतर संघर्ष से लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। यह सराहनीय है कि झारखंड के छात्रों ने इस आंदोलन की ऊर्जा को बनाए रखा है। मैं सरकार से अपील करती हूं कि वह छात्रों की जायज मांगों को सुने और स्वीकार करे।"
📄 JPSC और JSSC पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन: आइसा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जताई नाराजगी
आइसा ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महिला कार्यकर्ताओं पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की:
पेपर लीक पर जवाबदेही: विज्ञप्ति में कहा गया कि नेहा बोरा और अन्य महिला प्रदर्शनकारी रांची में JPSC और JSSC पेपर लीक घोटाले को लेकर राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग कर रही थीं।
प्रोपेगैंडा का आरोप: आइसा ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से इस आंदोलन को दबाने के लिए सोशल मीडिया पर झूठा प्रोपेगैंडा और नफरती अभियान चलाया जा रहा था, और आज की घटना उसी की परिणति है।
🏛️ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तुरंत हस्तक्षेप की अपील: 'छात्रों की चिंताओं का समाधान करे सरकार'
आइसा ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की हरकतों से छात्रों का न्याय के लिए चल रहा संघर्ष रुकने वाला नहीं है:
कार्रवाई की मांग: संगठन ने दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया है।
सीएम से अपील: आइसा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने और युवाओं की रोजगार संबंधी चिंताओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।

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