आगरा: आगरा शहर के पॉश इलाके कर्मयोगी रोड पर शुक्रवार सुबह सड़क अचानक धंस गई। सड़क के बीचों-बीच करीब 5 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरा बड़ा गड्ढा ब...
आगरा: आगरा शहर के पॉश इलाके कर्मयोगी रोड पर शुक्रवार सुबह सड़क अचानक धंस गई। सड़क के बीचों-बीच करीब 5 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरा बड़ा गड्ढा बनने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
यह घटना सुबह करीब 6 बजे सामने आई। व्यस्त सड़क पर इतना बड़ा गड्ढा बनने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर हादसे का खतरा पैदा हो गया है। सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक मौके पर एकत्र हो गए और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भारी नाराजगी जताई।
🛠️ करोड़ों की लागत से 4 महीने पहले बनी थी सड़क: 1 महीने में दूसरी बार धंसने से उठा निर्माण पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क करोड़ों रुपये की लागत से करीब चार महीने पहले ही नगर निगम और कार्यदायी संस्था द्वारा बनाई गई थी:
बार-बार हादसों का खतरा: हैरानी की बात यह है कि बीते एक महीने के भीतर सड़क धंसने की यह दूसरी बड़ी घटना है।
भ्रष्टाचार के आरोप: लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी वजह से नई सड़क बार-बार धंस रही है।
🪜 सपा नेता सीढ़ी लगाकर गड्ढे में उतरे: नगर निगम और ठेकेदार के खिलाफ किया अनोखा विरोध
घटना की जानकारी मिलते ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव नितिन कोहली कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे:
सांकेतिक प्रदर्शन: उन्होंने सीढ़ी लगाकर 10 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर अनूठे अंदाज में सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया।
लापरवाही का आरोप: नितिन कोहली ने नगर निगम, जलकल विभाग और निर्माण कार्य करने वाली निजी कंपनी पर मिलीभगत और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये बहाने के बाद भी उन्हें सुरक्षित सड़कें नहीं मिल पा रही हैं।
🔄 विभागीय खींचतान से जनता परेशान: एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे अधिकारी
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क धंसने के बाद संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं:
समन्वय की कमी: नगर निगम, जलकल विभाग और कंस्ट्रक्शन एजेंसी के बीच तालमेल न होने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
सख्त कार्रवाई की मांग: क्षेत्रवासियों ने सड़क की तत्काल गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने के साथ-साथ पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
🚧 जलकल विभाग का बयान: जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी, मौके पर कराई गई बैरिकेडिंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुमार गौरव ने कहा कि सड़क धंसने के वास्तविक कारणों की जांच कराई जा रही है:
जांच के आदेश: उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा उपाय: फिलहाल हादसों को रोकने के लिए गड्ढे के चारों तरफ सुरक्षा बैरिकेडिंग करा दी गई है और रूट को डायवर्ट किया गया है।

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