नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026। विश्व हिन्दू महासंघ के बौद्धिक प्रकोष्ठ (Intellectual Cell) की प्रथम संस्थापक सदस्य बैठक नई दिल्ली स्थित एएआई ऑफि...
नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026। विश्व हिन्दू महासंघ के बौद्धिक प्रकोष्ठ (Intellectual Cell) की प्रथम संस्थापक सदस्य बैठक नई दिल्ली स्थित एएआई ऑफिसर्स क्लब में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी पंडित संतोष मिश्रा ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षाविदों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं, उद्योगपतियों, चिकित्सकों, लेखकों, शोधकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध व्यक्तियों को एक साझा मंच पर संगठित कर राष्ट्रहित, समाजहित और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर तथ्यपूर्ण, सकारात्मक एवं रचनात्मक विचार-विमर्श की शुरुआत करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्व हिन्दू महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कालिका पीठाधीश्वर महंत सुरेन्द्रनाथ अवधूत ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि ज्ञान, शोध, तर्क और प्रमाण आधारित वैचारिक नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बौद्धिक प्रकोष्ठ समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने, युवाओं को प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराने तथा राष्ट्र और सनातन संस्कृति से जुड़े विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम के आयोजक एवं विश्व हिन्दू महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरित अग्रवाल ने कहा कि बौद्धिक प्रकोष्ठ देशभर के प्रबुद्ध नागरिकों को जोड़कर एक सशक्त वैचारिक मंच और थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा। प्रकोष्ठ विचार-मंथन, शोध, संगोष्ठियों, पुस्तकों और लेखों के माध्यम से राष्ट्रीय विषयों का अध्ययन कर समाज एवं राष्ट्रहित में सकारात्मक सुझाव प्रस्तुत करेगा। राष्ट्रीय संगठन मंत्री विक्रम गोस्वामी ने संगठन की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए देशभर में बौद्धिक प्रकोष्ठ के विस्तार पर जोर दिया। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष सचिन वशिष्ठ ने भी अपने विचार रखते हुए इस पहल को संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में सीए सुशील कुमार कौशिक, सीए राधेश्याम बंसल, सीए राजेश अग्रवाल, सीए मनोज बंसल, सीए आरके गुप्ता, सीए कमल कुमार कौशिक और सीए धीरज शर्मा सहित अनेक प्रबुद्ध व्यक्तियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए और पहल का स्वागत किया। बैठक के समापन पर सभी संस्थापक सदस्यों ने सर्वसम्मति से बौद्धिक प्रकोष्ठ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली वैचारिक मंच के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही नियमित विचार-मंथन बैठकें, शोध कार्य, जनजागरण अभियान और युवाओं को वैचारिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित करने का निर्णय लिया गया।

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