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सोनम वांगचुक अनशन: अरविंद केजरीवाल की लोगों से जंतर-मंतर पहुँचने की अपील

  दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने आज सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया। कॉकरोच जनता पा...

 


दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने आज सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया। कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने अब उनकी जगह अनशन की ऐलान कर दिया है। इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से जंतर मंतर जाने की अपील कर दी है। उन्होंने लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए इस प्रदर्शन से जुड़ने की अपील की है।

नीट का पेपर लीक हो गया। सीबीएसई के इवैल्यूएशन सिस्टम में बहुत बड़ा स्कैम हो गया। लाखों बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया। सोनम वांगचुक एजुकेशन सिस्टम को ठीक कराने के लिए अनशन पर बैठ गए। उनके घर में कोई बच्चा प्रभावित नहीं है। वो अपने लिए नहीं, आपके बच्चों के लिए अनशन पर बैठे हैं। उनकी जगह अब अभिजीत दीपके भी अनशन पर बैठ गए हैं। वह भी आपके बच्चों के लिए बैठे हैं। जब आपका बच्चा इससे प्रभावित होता है तो आप बहुत शिकायत करते हो, सिस्टम को गालियां देते हो। आज जब वह जंतर-मंतर पर आपके बच्चों के लिए बैठे हैं, तो आप घर पर क्यों बैठे हो।

उन्होंने लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा, अगर आज आपने उनके साथ मिलकर आवाज नहीं उठाई तो कल फिर परीक्षा लीक होने पर शिकायत मत करना। हम सबको मिलकर सड़क पर उतरना होगा। एक हो जाओ सारे, तभी सरकार सुनेगी। अभी तुरंत जंतर-मंतर पहुंचो।

मोदी सरकार पर साधा था निशाना

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने एक और पोस्ट में कहा था कि ‘इतना अहंकार ठीक नहीं है। सोनम वांगचुक जबरन उठाने के बजाय, मोदी सरकार को उनसे बात करनी चाहिए थी।’उन्होंने कहा कि आंदोलन को ''कुचलने'' के बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को सुधारना चाहिए।

दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। सिसोदिया ने कहा, तो, प्रश्नपत्र लीक के लिए यह समाधान दिया गया है: जो कोई भी पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाए उसे पीटें और उन्हें बिल्कुल भी आवाज न उठाने दें। यह राजनीति नहीं, कायरता है।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया कि 21 दिन से भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक की मांगों को पूरा करने के बजाय उन्हें जबरन अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि अनशन के दौरान केंद्र सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने कार्यकर्ता से बात नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस ने बल प्रयोग किया।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में सोनम वांगचुक को आवश्यक मेडिकल देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया।

 






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