28 जून से लगातार अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। यह अनशन लगातार 26 दिनों तक चला, ...
28 जून से लगातार अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। यह अनशन लगातार 26 दिनों तक चला, जिसके दौरान सोनम वांगचुक की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना सोनम वांगचुक ने अपना अनशन क्यों खत्म कर दिया? इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार और प्रशासन के लिए तनावपूर्ण बनी इस स्थिति में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मदद मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद ने की। कांग्रेस सांसद ने दो अन्य विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर सोनम वांगचुक को अनशन समाप्त करने के लिए राजी किया।
🏛️ गृह मंत्री अमित शाह की मदद में सामने आए मध्य प्रदेश के कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा शुरू किया गया यह आंदोलन धीरे-धीरे देशभर में फैलता जा रहा है, जिसने केंद्र सरकार को गंभीर चिंतन के लिए मजबूर कर दिया है। चूंकि राजधानी में कानून-व्यवस्था की मुख्य जिम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में है, इसलिए यह व्यापक आंदोलन गृह मंत्रालय के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन गया था।
ऐसे नाजुक समय में मध्य प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मध्यस्थता की और सोनम वांगचुक को अनशन समाप्त करने के लिए सफलतापूर्वक राजी कर लिया।
🏥 अस्पताल पहुंचकर विपक्षी सांसदों ने की मुलाकात, वांगचुक से किया अनशन तोड़ने का आग्रह
24 जुलाई को सोनम वांगचुक ने आधिकारिक रूप से अपना अनशन तोड़ा, लेकिन उससे पहले पर्दे के पीछे काफी राजनीतिक गतिविधियां हुईं।
इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए उनसे अनशन समाप्त करने का बार-बार निवेदन किया। विवेक तन्खा के साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष और सीपीआईएम (CPI-M) के सांसद जॉन ब्रिटास भी सोनम वांगचुक से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इन सभी नेताओं के सामूहिक आग्रह और आश्वासन के बाद अंततः वांगचुक अनशन खत्म करने पर सहमत हुए।
📜 'छात्रों को कानूनी कार्रवाई से बचाना था प्राथमिकता', सोनम वांगचुक ने बताई अनशन खत्म करने की वजह
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले अनशन समाप्त करने पर उठ रहे सवालों पर सोनम वांगचुक का आधिकारिक बयान सामने आया है।
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले अनशन इसलिए समाप्त किया, क्योंकि उनकी मुख्य प्राथमिकता प्रदर्शन कर रहे युवा छात्रों को किसी भी प्रकार की पुलिसिया व कानूनी कार्रवाई से बचाना था। वांगचुक ने बताया कि केंद्र सरकार के दो मंत्रियों ने उन्हें लिखित में यह पुख्ता आश्वासन दिया है कि आंदोलन में शामिल किसी भी प्रदर्शनकारी छात्र के खिलाफ कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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