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Sheelu Balhara Wife Suicide: रोहतक में अंतरराष्ट्रीय कबड्डी प्लेयर शीलू की पत्नी ने लगाया फंदा, पुलिस जांच में जुटी

रोहतक: हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा ने शुक्रवार को संदिग्ध परिस्...


रोहतक: हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा ने शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही बहु अकबरपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी।

पुलिस प्रशासन ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया है। फिलहाल सुसाइड के मुख्य कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।

 बहु अकबरपुर गांव के निवासी हैं शीलू: शादी के बाद एक साल पहले हुआ था बेटे का जन्म

शीलू बल्हारा मूल रूप से रोहतक के बहु अकबरपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता सुरेंद्र बल्हारा साधारण किसान हैं और परिवार में उनका एक भाई भी है। शीलू की शादी मुस्कान के साथ हुई थी और पिछले साल उनके घर बेटे 'हार्दिक' का जन्म हुआ था।

शीलू ने महज 6 साल की उम्र से ही मैदान में कबड्डी खेलना शुरू कर दिया था। जैसे-जैसे वे बड़े हुए, उनका नाम पूरे पंजाब और देश भर के कबड्डी सर्किलों में प्रसिद्ध हो गया। वे पंजाब की विभिन्न नामी टीमों के लिए लगातार मैच खेलते रहे हैं।

 'हरियाणा के चीते' नाम से प्रसिद्ध हैं शीलू: अमेरिका में बने थे सर्वश्रेष्ठ कैचर

शीलू कबड्डी की दुनिया और खासकर पंजाब के सर्कल कबड्डी में 'हरियाणा वाला चीता' के नाम से बेहद लोकप्रिय हैं। वे विदेश में भी लगातार कबड्डी टूर्नामेंट्स खेलने जाते रहे हैं।

मैदान पर वे एक बेहतरीन कैचर (जाप्पी) की भूमिका निभाते हैं। पिछले साल अमेरिका में आयोजित हुए भव्य कबड्डी टूर्नामेंट में शीलू को 'बेस्ट कैचर' चुना गया था। वहां उन्होंने अपनी जबरदस्त पकड़ क्षमता, फुर्ती और ताकत से खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया था।

 24 ट्रैक्टर और 50 से ज्यादा बुलेट जीत चुके हैं शीलू: इनाम में मिले ट्रैक्टर बेच देते हैं

शीलू बल्हारा की खेल प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अब तक पंजाब और अन्य राज्यों के कबड्डी मुकाबलों में इनाम के तौर पर 24 ट्रैक्टर, 50 से अधिक बुलेट मोटरसाइकिलें और एक कंबाइन मशीन जीतकर अपने घर ला चुके हैं।

उन्होंने टूर्नामेंट में जीतकर लाई बुलेट मोटरसाइकिलों को कभी बेचा नहीं है; वे उन्हें अपने दोस्तों को दे देते हैं या स्वयं इस्तेमाल करते हैं। जबकि ट्रैक्टर और अन्य भारी कृषि उपकरणों को वे आवश्यकतानुसार बेच देते हैं।

इस दुखद घटना से जुड़ी आगे की जानकारी और अपडेट्स जुटाई जा रही हैं...







 

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