नोएडा: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने क...
नोएडा: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक युवती के खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेस-वे थाने में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक मंच से भाषण देते हुए नोएडा के सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग सोसाइटी की रहने वाली रुचिका सिंह ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया था।
📜 संवैधानिक पद की गरिमा और शांति भंग करने का आरोप: गाजियाबाद की स्मृति सिंह ने दर्ज कराई शिकायत
गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने इस मामले को लेकर नोएडा के एक्सप्रेस-वे थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी रुचिका सिंह द्वारा सार्वजनिक रूप से दी गई टिप्पणी से देश के प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को भारी ठेस पहुंची है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि यह बयान किसी बहकावे में नहीं, बल्कि जानबूझकर समाज में विद्वेष फैलाने, वैमनस्यता बढ़ाने और लोक शांति (Public Peace) को भंग करने की आपराधिक मंशा से दिया गया था।
🚓 BNS की धाराओं के तहत दर्ज हुआ केस: क्षेत्राधिकार के तहत दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर होगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है।
चूंकि कथित घटना नई दिल्ली के जंतर-मंतर थाना क्षेत्र (दिल्ली पुलिस क्षेत्राधिकार) की है, इसलिए नोएडा पुलिस द्वारा प्राथमिक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मामले की आगे की विस्तृत जांच और केस डायरी संबंधित दिल्ली पुलिस को हस्तांतरित (Transfer) की जाएगी।
📹 डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी पुलिस: वायरल वीडियो और गवाहों के बयानों की होगी समीक्षा
नोएडा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच टीम घटना के समय के वायरल वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग्स और डिजिटल साक्ष्यों को एकत्रित कर रही है।
इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और गवाहों के बयान भी जांच का मुख्य हिस्सा बनाए जाएंगे। साक्ष्यों की पुष्टि के बाद विधि सम्मत आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

कोई टिप्पणी नहीं