बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तेज बारिश के दौरान नाले के तेज बहाव में बह गई चौथी कक्षा की छात्रा चारु कश्यप की तलाश लगातार जारी है...
बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तेज बारिश के दौरान नाले के तेज बहाव में बह गई चौथी कक्षा की छात्रा चारु कश्यप की तलाश लगातार जारी है। हादसे के 50 घंटे से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
प्रशासनिक अमला और राहत दल दिन-रात सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा शहर मासूम की सकुशल वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।
🕌 मस्जिद में नमाज के बाद मांगी गई सलामती की दुआ: शहर में पेश हुई हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल
मासूम बच्ची की तलाश के बीच बुलंदशहर से आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की एक बेहद भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई है। कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित उमर फारूक मस्जिद में शुक्रवार की नमाज अदा करने के बाद मौलाना और सभी नमाजियों ने चारु कश्यप की जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी के लिए विशेष दुआ की।
मस्जिद में मौजूद लोगों ने बारगाह-ए-इलाही में हाथ उठाकर प्रार्थना की कि बच्ची का जल्द से जल्द पता चल जाए, ताकि उसके परिजनों की चिंता दूर हो सके और उन्हें इस कठिन समय में हौसला और सब्र मिल सके। इस पहल की पूरे शहर में सराहना हो रही है।
🌊 एनडीआरएफ और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी: प्रशासन की अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें
चारु कश्यप की खोज के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), पीएसी (PAC), स्थानीय गोताखोरों और नगर पालिका की संयुक्त टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं। कई किलोमीटर लंबे नाले और उससे जुड़े आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
जिला प्रशासन का कहना है कि जब तक बच्ची की कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ जाती, तब तक यह सर्च ऑपरेशन पूरी क्षमता के साथ जारी रहेगा। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और रेस्क्यू टीमों को सहयोग प्रदान करें।
💔 परिवार के लिए आर्थिक मदद और ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग: पीड़ित परिवार को संबल देने आगे आए लोग
दुआ में शामिल स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने चिंता जताते हुए कहा कि मासूम चारु का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस विपत्ति के समय पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी सहायता प्रदान की जाए।
कुछ स्थानीय प्रतिनिधियों ने परिवार की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार से 1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग उठाई है। संकट की इस घड़ी में हर वर्ग का परिवार के साथ खड़ा होना समाज में मानवता का सकारात्मक संदेश दे रहा है।

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