आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल देश में बेचे जा रहे इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में बीते कई दिनों से आवाज उठा रहे हैं और केंद्र स...
आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल देश में बेचे जा रहे इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के विरोध में बीते कई दिनों से आवाज उठा रहे हैं और केंद्र सरकार से लोगों को शुद्ध पेट्रोल का भी विकल्प देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार का तर्क है कि इथेनॉल पेट्रोल के इस्तेमाल से कीमती विदेशी मुद्रा की बचत होती है, जिसके बाद केजरीवाल ने गुरुवार को इस मुद्दे को एकबार फिर उठाते हुए अपना विरोध जताया है, और सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछा है। एक अंग्रेजी न्यूज आर्टिकल को शेयर करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी हमें तो कहते हैं कि इथेनॉल इस्तेमाल करके फॉरेन एक्सचेंज (विदेशी मुद्रा) बचाओ, और अपनी गाड़ियां खराब करो, लेकिन फिर वही विदेशी मुद्रा अडानी को अमेरिका ले जाने के लिए दे देते हैं। ये तो सरासर गलत है। अपनी इस पोस्ट में केजरीवाल ने पूछा कि इस 10 अरब डॉलर के लिए विदेशी मुद्रा कहां से आएगी?
दरअसल अपनी पोस्ट के साथ केजरीवाल ने जो आर्टिकल शेयर किया, उसमें बताया गया है कि अमेरिका में एक केस का सामना कर रहे भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी ने बुधवार (15 जुलाई) को पहली बार यह माना कि उनके वकीलों ने अमेरिकी सरकारी वकीलों को इस बात का सुझाव दिया था कि अगर DOJ (न्याय विभाग) या SEC ऐसा चाहें तो अडानी ग्रुप का अमेरिका में 10 अरब डॉलर निवेश करने का सार्वजनिक रूप से घोषित प्लान, उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक और दीवानी मामलों के समाधान का हिस्सा हो सकता है।
‘इन 10 अरब डॉलर के लिए विदेशी मुद्रा कहां से आएगी?’
केजरीवाल ने अडानी समूह के प्रमुख गौतम अडानी द्वारा अमेरिका में निवेश की जा रही इसी 10 अरब डॉलर की राशि पर सवाल उठाया और इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार विदेशी मुद्रा बचाने की चाह में देश की जनता पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल थोप रही है और उनसे कह रही है कि अपनी गाड़ियां खराब करो, वहीं दूसरी तरफ वही विदेशी मुद्रा अमेरिका ले जाने के लिए अडानी को दे रही है। केजरीवाल ने इसे सरासर गलत बताया और पूछा कि इस 10 अरब डॉलर के लिए विदेशी मुद्रा कहां से आएगी?
कार्यकर्ताओं और नेताओं से पेट्रोल पंप जाकर वीडियो बनाने को कहा था
AAP के राष्ट्रीय संयोजक ने इससे दो दिन पहले भी इथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल के खिलाफ आवाज उठाई थी और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपने घरों से निकलकर पेट्रोल पम्प और सर्विस स्टेशन जाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वहां जाकर लोगों से बात करें, वीडियो बनाएं और सोशल मीडिया पर शेयर करें। AAP प्रमुख ने कहा था कि 'देश के जो भी लोग E20 से दुखी हैं, वे अपना वीडियो बनाए्ं और सोशल मीडिया पर डालें। सरकार ऐसे सुनने वाली नहीं है। हमें पूरे सोशल मीडिया को आम लोगों की आवाज से भरकर इन पर दबाव बनाना होगा।'
ई-20 को लेकर पीएम को लिख चुके पत्र, की दो प्रमुख मांगें
ई-20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल 13 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिख चुके हैं। जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से दो उपायों पर गौर करने के लिए कहा था और इस मामले के बारे में विस्तार से बताने के लिए मिलने के लिए वक्त भी मांगा था।
1. फ्यूल स्टेशनों पर ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और E20 में से चुनने का विकल्प दें, ताकि जिन गाड़ियों में E20 इस्तेमाल नहीं हो सकता, उनके मालिकों को ऐसा फ्यूल इस्तेमाल करने के लिए मजबूर न होना पड़े जिससे उनकी गाड़ियां खराब हों।

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