दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के खंड-5 का निर्माण कार्य अक्टूबर महीने तक पूरा हो जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारी अब तक...
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के खंड-5 का निर्माण कार्य अक्टूबर महीने तक पूरा हो जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारी अब तक इसका 83 फीसदी निर्माण कार्य पूरा होने का दावा कर रहे हैं। खंड-5 में मेरठ एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
मेरठ एक्सप्रेसवे के चार खंड पर कई साल से वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इसके बाद एनएचएआई ने कई साल पहले खंड-5 शुरू करने की योजना पर काम किया थ। खंड-5 पर कई साल से निर्माण कार्य चल रहा है। इस खंड को मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाना है। गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज तक खुल गया है। खंड-5 के गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद गाजियाबाद और एनसीआर के लोग भी आसानी से प्रयागराज तक जा सकेंगे।
83 फीसदी से अधिक काम पूरा होने का दावा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का खंड-5 गाजियाबाद के चूड़ियाला, तल्हैटा और जैनुद्दीनपुर गांव से निकल रहा है। शेष सात गांव मेरठ जनपद के हैं। एनएचएआई अधिकारी दावा कर रहे हैं कि गाजियाबाद और मेरठ में निर्माण कार्य की रफ्तार बढ़ा दी गई है। 83 फीसदी से ज्यादा निर्माण कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है। अक्टूबर में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद खंड-5 को भी वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद गाजियाबाद और एनसीआर के लोगों की प्रयागराज तक जाने की राह आसान हो जाएगी। एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य की गति बढ़ा दी है। निर्माण कार्य में अब कोई बाधा नहीं है। निर्माण करने वाली एजेंसी को मशीन और मजदूर बढ़ाने के लिए कहा है।
समय पर कार्य पूरा करने का दावा
मेरठ एक्सप्रेसवे के खंड-5 का काम अप्रैल 2022 में शुरू हुआ था। उस समय एनएचएआई के अधिकारी और निर्माण एजेंसी ने दावा किया था कि निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य मार्च-2024 है, लेकिन यह समय पर पूरा न हो सका। किसानों ने कई माह तक काम बंद रखा। किसान उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे। हालांकि, निर्माण कार्य में अब कोई बाधा नहीं है। अधिकारी इस बार तय समय पर काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं।
इन गांव की जमीन ली
शाकरपुर, नरहैड़ा, ढकौली, सलेमपुर, चंदसारा, खानपुर, नगलापातू, चूड़ियाला, तल्हैटा और जैनुद्दीनपुर गांव की जमीन ली गई है।
खंड-5 एक नजर में
● दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का पांचवां चरण 14.600 किलोमीटर लंबा है
● मेरठ जिले में 9.130 किलोमीटर और गाजियाबाद जिले में 5.470 किलोमीटर है

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