दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए अपने कर्मचारियों के लिए बुधवार और शनिवार को लागू की गई वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था...
दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए अपने कर्मचारियों के लिए बुधवार और शनिवार को लागू की गई वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस निर्णय को मंजूरी दे दी है और औपचारिक आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा. सरकार के इस कदम को राजधानी में सामान्य प्रशासनिक कामकाज को फिर से पहले की तरह सुचारु बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में लिए गए इस फैसले के तहत बुधवार और शनिवार को लागू वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था को अब तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से बताया गया है कि इस संबंध में औपचारिक आदेश आज (शनिवार, 4 जुलाई) को जारी कर दिए जाएंगे.
सरकारी ऑफिस के टाइम में बदलाव
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने के कारण दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन (बुधवार और शनिवार) दी गई वर्क-फ्रॉम-होम की व्यवस्था वापस ले ली है. वर्क फ्रॉम होम खत्म करने के साथ ही दिल्ली सरकार ने GNCTD के सभी सरकारी ऑफिस के टाइम में भी बदलाव किया है. नए आदेश के मुताबिक सरकारी कार्यालय सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुले रहेंगे.
MCD के दफ्तरों के समय में कोई बदलाव नहीं
वहीं दिल्ली नगर निगम (MCD) का मौजूदा शेड्यूल सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक पहले की तरह ही जारी रहेगा. MCD के दफ्तरों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है. CMO ने कहा कि हालात सामान्य होने के कारण अब कर्मचारियों को सप्ताह में 5 दिन दफ्तर आना होगा. WFH की छूट अब नहीं मिलेगी. सरकार का कहना है कि इस बदलाव का मकसद प्रशासनिक कामकाज को ज्यादा प्रभावी और व्यवस्थित बनाना है.
‘Mera Bharat, Mera Yogdaan’ अभियान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस साल मई में कई अहम फैसले लिए थे. इसमें हर हफ्ते 2 दिन WFH, दफ्तरों के समय में बदलाव और अगले एक साल के लिए सरकारी विदेश यात्रा पर रोक शामिल थी. ये सभी कदम शहर सरकार के “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान के तहत उठाए गए थे.
पीएम मोदी की अपील के बाद शुरू किया गया था अभियान
यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद शुरू किया गया था. 10 मई को PM मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि पश्चिम एशिया संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की खपत कम करें, गैर-जरूरी विदेश यात्रा टालें, सोने की खरीद घटाएं और ईंधन बचत के लिए अन्य उपाय अपनाएं. विदेशी मुद्रा की बचत इसी अभियान का मुख्य उद्देश्य था.
प्राइवेट सेक्टर में भी थी सलाह
CM रेखा गुप्ता ने उस समय कहा था कि प्राइवेट कंपनियों को भी सलाह दी जाएगी कि जहां संभव हो वहां कर्मचारियों को हफ्ते में 2 दिन घर से काम करने दें. वहीं सरकारी दफ्तरों में भी यही व्यवस्था लागू की गई थी. श्रम विभाग को प्राइवेट सेक्टर में इसे लागू करवाने की जिम्मेदारी दी गई थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि पीएम की अपील के बाद इस अभियान को शुरू करने का फैसला किया है. अभियान के तहत सोमवार को सरकारी अधिकारी और मंत्री मेट्रो से सफर करेंगे ताकि ईंधन की बचत का संदेश जाए.

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