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अंकित शर्मा मर्डर केस: ताहिर हुसैन पर इमरान मसूद के बयान से सियासी घमासान

 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अफसर अंकित शर्मा की हत्या मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने...


 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अफसर अंकित शर्मा की हत्या मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद सियासी घमासान और तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के एक बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर 'मुस्लिम विक्टिम कार्ड' खेलने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा नेता और दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने इमरान मसूद के बयान पर तीखा पलटवार किया है।

ताहिर हुसैन का नाम यदि कपिल होता...

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मीडिया से बातचीत में कहा, “जो सबूत इकट्ठे किए हैं, क्या है और क्या नहीं है, यह कोर्ट का मामला है। मैं उस पर कुछ नहीं कहता। लेकिन उसका नाम ताहिर है, यह बड़ी चीज है। अगर उसका नाम कपिल होता, तो वह अब तक बरी हो गया होता।”

अगर ताहिर कपिल होता, तो पत्थर, बम, गुलेल नहीं रखता

इमरान मसूद के इस बयान पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर ताहिर कपिल होता, तो वह अपनी छत पर पत्थर, पेट्रोल बम और मंदिरों की ओर निशाना साधने के लिए गुलेल नहीं रखता। अगर ताहिर कपिल होता, तो उसके हाथ में चाकू नहीं होता और वह पत्थर लेकर भीड़ को उकसाने या सड़कें बंद कराने का काम नहीं करता।”

कसाब का नाम लेकर कपिल मिश्रा ने लगाई फटकार

कपिल मिश्रा ने आगे कहा, “इमरान मसूद ने जिस तरफ इशारा किया है, उसी तरफ इशारा करूं तो कसाब समेत जितने भी आतंकवादी रहे हैं, उनके नाम भी एक पहचान बताते हैं। अगर उनमें से कोई कपिल होता, तो वह जिहादी या आतंकवादी नहीं होता।”

ताहिर हुसैन के दोषी ठहराए जाने के बाद तेज हुई राजनीति

इससे पहले अदालत के फैसले के बाद भी भाजपा और आम आदमी पार्टी आमने-सामने आ गई थीं। भाजपा ने आरोप लगाया था कि 2020 के दिल्ली दंगे सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे और उस समय ताहिर हुसैन को आम आदमी पार्टी के नेताओं का संरक्षण मिला था। कपिल मिश्रा ने सवाल उठाया था कि अंकित शर्मा की हत्या के समय ताहिर हुसैन कथित तौर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और AAP सांसद संजय सिंह के संपर्क में क्यों था।

वहीं आम आदमी पार्टी ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ताहिर हुसैन का पार्टी से 2020 से ही कोई संबंध नहीं है। पार्टी के मुताबिक, 27 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर ही ताहिर हुसैन को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था और इसके बाद वह पार्टी की किसी गतिविधि का हिस्सा नहीं रहा।

IB अफसर अंकित शर्मा के मर्डर में इमरान मसूद दोषी

दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने हाल ही में 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने ताहिर हुसैन, अनस, कासिम, नाजिम और जावेद को हत्या, दंगा, वैमनस्य फैलाने और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी माना है। जबकि छह अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। सजा पर सुनवाई अलग से होगी।

अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान लापता हो गए थे। बाद में उनका शव चांद बाग इलाके के पास नाले से बरामद हुआ था। इस मामले में अंकित शर्मा के पिता ने तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस जांच के बाद ताहिर हुसैन सहित 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था।








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