कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान किए गए लाठीचार्ज की चौतरफा आलोचना हो रही...
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस द्वारा 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान किए गए लाठीचार्ज की चौतरफा आलोचना हो रही है। इस बीच, उत्तराखंड पुलिस के एक जवान ने जंतर-मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
जवान का नाम शेर सिंह है, जिनकी तैनाती पिथौरागढ़ जनपद में थी। वे मूल रूप से हरिद्वार जनपद के रुड़की के रहने वाले हैं। शेर सिंह ने जंतर-मंतर पहुंचकर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ मंच साझा किया।
इस दौरान अभिजीत दीपके ने कहा, "उत्तराखंड से शेर सिंह जी आए हुए हैं। वे उत्तराखंड पुलिस से इस्तीफा देकर हमारे आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं। 20 जुलाई को जो हुआ, उसके बाद शेर सिंह ने मुझसे कहा कि ऐसी गुंडागर्दी करने और गुंडों की हिफाजत करने से बेहतर है कि मैं यहां आकर बच्चों की हिफाजत करूं।"
⚠️ IG निवेदिता कुकरेती का बड़ा खुलासा: सस्पेंडेड हैं शेर सिंह, गैंगस्टर से सांठगांठ और आपराधिक इतिहास
उधर, कुमाऊं रेंज की आईजी (IG) निवेदिता कुकरेती ने शेर सिंह को लेकर जो जानकारी साझा की है, वह काफी चौंकाने वाली है। पुलिस के अनुसार, कांस्टेबल शेर सिंह के छात्र आंदोलन को उकसाने वाले अनर्गल बयान वायरल हो रहे हैं।
आईजी ने बताया कि शेर सिंह 28 जून 2026 से अनधिकृत रूप से पिथौरागढ़ जनपद से अनुपस्थित चल रहे थे। इस संबंध में एसपी पिथौरागढ़ द्वारा उन्हें नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब न मिलने पर 20 जुलाई 2026 को उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था।
अधिकारी ने आगे बताया कि उक्त कांस्टेबल का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। यह कांस्टेबल अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर 'प्रवीन वाल्मीकि' जैसे कुख्यात गैंगस्टर के साथ संगठित अपराध में लिप्त रहा है। ये लोग आम जनता को डरा-धमकाकर जमीनों पर कब्जा करते थे, जिसके संबंध में वर्ष 2025 में हरिद्वार में एफआईआर दर्ज की गई थी। 15 सितंबर 2025 को शेर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वह कई महीनों तक जेल में रहा और वर्तमान में जमानत पर बाहर था। उसके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई चल रही थी। हाल में दिए गए अनर्गल बयानों के संदर्भ में उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
🗣️ 'नेताओं की सुरक्षा से बेहतर लोगों के लिए काम करना': मंच से बोले शेर सिंह
शेर सिंह ने मंच से अपने संबोधन में कहा, "मैं अब नेताओं को सुरक्षा देने के बजाय आम जनता के लिए काम करना चाहता हूं। मैं आप लोगों और कॉकरोच जनता पार्टी के साथ हूं। अगर न्याय के लिए आवाज उठाना बगावत माना जाता है, तो मैं बागी कहलाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।"
🏷️ भाषण के बाद कंधे से हटाया उत्तराखंड पुलिस का बैज, दीपके को सौंपा
मंच से अपना संबोधन पूरा करने के बाद शेर सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपने कंधे से उत्तराखंड पुलिस का बैज हटाया और उसे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को थमा दिया।
📢 'हर जिला, एक दिन, एक मांग' अभियान के बीच 20 जून से जंतर-मंतर पर डटे हैं प्रदर्शनकारी
उत्तराखंड पुलिस के इस जवान की एंट्री ऐसे समय में हुई है जब कॉकरोच जनता पार्टी देशभर के हर जिले में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने इस देशव्यापी अभियान का नारा 'हर जिला, एक दिन, एक मांग' रखा है। पार्टी ने बड़ी संख्या में छात्रों और आम नागरिकों से इस आंदोलन से जुड़ने की अपील की है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी 20 जून से लगातार जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। पार्टी नीट (NEET) परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग पर अड़ी हुई है।

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