कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से की गई अपील पर जब जहां हजारों लोग पुलिस की लाठियां खाते हुए भी संसद की ओर कूच कर गए, तब उनके सामने नेतृ...
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से की गई अपील पर जब जहां हजारों लोग पुलिस की लाठियां खाते हुए भी संसद की ओर कूच कर गए, तब उनके सामने नेतृत्व का अभाव दिखा। सवाल उठ रहा है कि संसद मार्च की अपील करने वाले अभिजीत दीपके और उनके बड़े नेता खुद मार्च में सबसे आगे क्यों नहीं थे। दीपके जहां जंतर-मंतर पर ही डटे रहे तो उनके कुछ बड़े नेता भी प्रदर्शन से गायब दिखे। सबसे अधिक सवाल तो सीजेपी के प्रवक्ता विजेता दहिया को लेकर उठ रहे हैं, जो प्रदर्शन के दौरान कहीं नजर नहीं आए। बाद में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्हें एक रेस्टोरेंट में दिखाते हुए दावा किया गया कि जब युवा सड़कों पर लाठी खा रहे थे तब खुद दहिया बर्गर खाने निकल गए थे। एक दूसरे वीडियो में लोग उनसे सवाल भी कर रहे हैं कि वह मार्च छोड़कर कहां गायब हैं, लेकिन दहिया चुप्पी साध लेते हैं। अब उनकी ओर से इसका जवाब भी सामने आया है।
विजेता दहिया ने कहा है कि वह मार्च में शामिल हुए थे, लेकिन फिर उन्हें लगा कि यह खत्म हो गया तो नहाने धोने घर चले गए थे। दहिया ने एक वीडियो में बर्गर खाने पर भी जवाब दिया और कहा कि उन्हें बहुत भूख लगी थी। दहिया ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत के दौरान अपनी गैरमौजूदगी पर जवाब दिया। दहिया ने कहा, 'जो लोग यहां पर थे, उन्हें पता है कि मैं दो रात से यहीं पर हूं, ठीक है... मार्च शुरू हुआ।, तो मैं मार्च में गया। पुलिस ने यहां पर पूरा इंटरनेट बंद कर रखा था। मैंने रात को कॉल दी थी कि बैरिकेड के ऊपर मत कूदना। जहां तक आप जा सको, जाओ। फिर मेरे दिमाग में ये था कि चलो यार ठीक है, मार्च हो गया। मैं घर जाकर नहा-धोकर वापस आता हूं। क्योंकि फिर रात को किसी की जरूरत होगी। उसी बात को इतना बवंडर बना दिया। बवंडर वही बना रहे हैं जो कभी यहां आए नहीं। जो प्रदर्शनकारी हैं, उन्हें किसी को दिक्कत नहीं।'
क्या मार्च सफल रहा? इस पर उन्होंने कहा कि कोई भी सही दिशा में उठाया गया कदम सही है। इस चीज को इस हिसाब से नहीं देखना चाहिए कि संसद पहुंच पाए तो सफल, नहीं पहुंच पाए तो असफल। सवाल है कि सरकार क्यों असफल हो रही है लोगों की आवाज सुनने में। दहिया ने कहा, 'पुलिस कह रहा है कि दूसरों को लाठियां पड़ीं, सीजेपी के नेताओं को नहीं? यह सच नहीं है। रमित हमारी टीम से है सीजेपी के लोगों कैा रवित हमारी टीम का है उसके सिर में चोट लगी है। अभिजीत को क्या थप्पड़ नहीं लगा। उसके मुंह पर इंक फेकंा गया। अभी मुझे कुछ लोगों ने घेर लिया था। डेढ़ महीन से गालियां दे रहे हैं, कह रहे हैं कि विजेता को मार देंगे।'
मैं बर्गर खाने गया था क्योंकि…
विजते दहिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो बनाकर भी बर्गर खाने पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें भूख लगी थी और कुछ अच्छा खाने का मन कर रहा था। उन्होंने बर्गर खाते हुए वीडियो बनाकर कहा, ‘मैंने बर्गर क्यों खाया, यह आज का बड़ा मुद्दा है। कोई इंसान बर्गर क्यों खाता है, क्योंकि उसे भूख लगी हो और उसे बर्गर खाने का मन हो। मुझे भूख भी लगी थी और कुछ अच्छा खा लो तो मन को अच्छा लगता है। मैं दो रात से सोया नहीं हूं। जो लोग प्रदर्शन में थे उन्हें सब दिख रहा है। घर में लोग बैठे बकवास कर रहे हैं। कोई इंसान केवल खाना पीना करता है, सामाजिक काम से मतलब नहीं, उसके बर्गर खाने पर दिक्कत नहीं, लेकिन कोई इंसान बर्गर खाते हुए भी देश के मुद्दे पर बात करे तो दिक्कत है। प्रदर्शनकारी बर्गर खा ले, किसान पिज्जा खा ले तो दिक्कत। ना खाए मर जाए, डांस कर दिया तो दिक्कत है। कलर शर्ट पहनी थी क्योंकि उससे एनर्जी आती है। तुम्हें पता है कि मैं मार्च में था या नहीं। मार्च के बाद मैं घर गया। और सुनो एक बात, मुझे इतना जवाबदेह बनाते हो, यह कोई नौकरी है क्या, तुमने मुझे अपॉइंट किया है? डेढ़ महीना हो गया मुझे इसमें लगे हुए मैं एक पैसे का काम नहीं कर पाया। जिन लोगों में फीलिंग है ना वह जानते हैं। ऐसे लोग जो मुझे मिलते हैं, छोले-भटूरे खिलाना चाहते हैं।’

कोई टिप्पणी नहीं