पहल संस्था और CRY के सहयोग से बाल श्रम पर गहन चर्चा डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह बोले— बच्चों को शिक्षा से जोड़ना प्राथमिकता पहल संस्था ने बाल ...
पहल संस्था और CRY के सहयोग से बाल श्रम पर गहन चर्चा
डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह बोले— बच्चों को शिक्षा से जोड़ना प्राथमिकता
पहल संस्था ने बाल संरक्षण तंत्र मजबूत करने पर दिया जोर
गुरुग्राम, 25 मार्च 2025 : हरियाणा में बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने, बाल श्रम की समस्या और फैमिली आईडी से जुड़ी चुनौतियों को लेकर गुरुग्राम में राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित किया गया। पहल संस्था ने CRY संस्था के सहयोग से इस राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया, जिसमें अन्य सहयोगी संस्थानों ने भी सहभागिता निभाई। इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, शिक्षा अधिकारियों, बाल संरक्षण संस्थानों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या, बाल श्रम के बढ़ते जोखिम और फैमिली आईडी से संबंधित दस्तावेजी समस्याओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई। यह सामने आया कि गलत आय विवरण, ब्लॉक या फ्रीज़ फैमिली आईडी और दस्तावेजों की कमी के कारण कई वंचित परिवार सरकारी योजनाओं जैसे राशन और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, जिससे बच्चों के स्कूल छोड़ने और बाल श्रम में शामिल होने का खतरा बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पहल संस्था के महासचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल से बाहर रह जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए एनरोलमेंट और टेंपरेरी आईडी के माध्यम से प्रवेश दिलाने की आवश्यकता है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
इस दौरान मानेसर क्षेत्र से वार्ड 8 की काउंसलर ज्योति जी, बलवीर सिंह (वार्ड 9) उपस्थित रहे। साथ ही मानेसर महिला थाने की एसआई ज्योति ने भी कार्यक्रम में भाग लेते हुए महिला एवं बच्चों को सुरक्षा संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूक किया तथा उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी।
परामर्श में कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत और गुरुग्राम से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के अधिकारी भी शामिल हुए। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बाल कल्याण के प्रभावी उपायों पर प्रकाश डाला और इस बात पर जोर दिया कि किस प्रकार बाल मजदूरी को समाप्त किया जा सकता है तथा अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जा सकता है।
परामर्श में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत वार्ड स्तर बाल संरक्षण समितियों (WLCPCs) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, फैमिली आईडी सुधार प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समुदाय आधारित बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। अंत में बाल श्रम रोकथाम, बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने और अधिक उत्तरदायी बाल संरक्षण प्रणाली विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।
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