नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026: #वी_द_पीपील, #मिशन_जय_भीम, #संविधान_बचाओ_संघर्ष_समिति सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवा...
नई दिल्ली, 3 फरवरी 2026: #वी_द_पीपील, #मिशन_जय_भीम, #संविधान_बचाओ_संघर्ष_समिति सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एनेक्सी स्पीकर हॉल, कांस्टीट्यूशन क्लब, रफी मार्ग, नई दिल्ली में “बहुसंख्यक समाज के लिए न्याय जरूरी” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मांग की गई कि इन मुद्दों पर संसद के वर्तमान सत्र में ठोस चर्चा हो और इन्हें कानून का रूप दिया जाए।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा बहुसंख्यक समाज को सामाजिक न्याय, उचित प्रतिनिधित्व और भागीदारी दिलाना है। वक्ताओं ने मांग रखी कि कॉलेजियम प्रणाली और उच्च न्यायपालिका में बहुसंख्यक समाज की वाजिब हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए तथा केंद्रीय विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएम और अन्य शिक्षण संस्थानों में SC, ST एवं SEBC वर्गों के खाली पड़े बैकलॉग पदों को शीघ्र भरा जाए।
इसके अलावा EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने, 23 जुलाई 2026 से होने वाली जनगणना के कॉलम-12 में SC, ST के साथ SEBC की जातियों को भी शामिल करने और ठेकेदारी, मीडिया, न्यायपालिका तथा सरकारी फंड से पोषित निजी क्षेत्रों में आरक्षण का प्रावधान करने की मांग उठाई गई।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद अवधेश प्रसाद, लक्ष्मीकांत पप्पू निषाद, राज्यसभा सांसद पी. विल्सन, पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, कांग्रेस OBC अध्यक्ष अनिल जय हिन्द, पूर्व सांसद विशंभर निषाद, बहुसंख्यक नेता वामन मेश्राम, पूर्व न्यायाधीश वीरेंद्र यादव, सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता बलराज मलिक, डीयू प्रोफेसर रतन लाल, प्रोफेसर सूरज मंडल, अनिल पटेल, कांग्रेस पूर्वांचल अध्यक्ष प्रो. सुधांशु, SC/ST बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, एफ.आई. स्माइली, यदुवंशी महासभा अध्यक्ष विजेंद्र यादव, किरमानी, सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति माला, प्रो. प्रभात रंजन, कांग्रेस नेता मोहन सिंह चंदेल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सांसदों ने मंच से आश्वासन दिया कि इन सभी मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा।
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