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Pollution News Updates: ग्रैप के तहत दिल्ली में वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर, नियमों का उल्लंघन करने पर जब्ती

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत प्रशासन पूर...

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। बुधवार को दिल्ली के विभिन्न बॉर्डर पर वाहनों की सघन जांच के दौरान निर्धारित प्रदूषण मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले कुल 2,818 वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोककर वापस भेज दिया गया। ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को रात आठ बजे तक कुल 7,048 वाहनों की कड़ी जांच की गई। इस दौरान नियमों का खुला उल्लंघन करने वाले 84 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि 2 पुराने वाहनों को जब्त भी किया गया। राजधानी में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की एंट्री पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

📊 1 नवंबर को भी रही थी भारी सख्ती; 40 टीमों ने की थी 7,249 वाहनों की जांच

पिछले दिनों की कार्रवाई के आंकड़े:

  • विशेष टीमों की तैनाती: इससे पहले 1 नवंबर को भी परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस ने राजधानी के अलग-अलग प्रवेश मार्गों पर विशेष अभियान चलाया था। इसके लिए कुल 40 टीमों का गठन किया गया था, जिनमें लगभग 250 अधिकारी और कर्मचारी तैनात थे।

  • वापस भेजे गए वाहन: पहले दिन कुल 7,249 वाहनों की चेकिंग की गई थी, जिनमें से 714 वाहनों को दिल्ली में प्रवेश से रोककर वापस लौटाया गया था। इसके अलावा अपने जीवनकाल को पूरा कर चुके 38 पुराने वाहनों (End-of-Life Vehicles) को जब्त किया गया था।

🔍 गुरुग्राम और दिल्ली के प्रमुख बॉर्डर पर तैनात रहीं पुलिस टीमें; दस्तावेजों की हुई बारिकी से जांच

प्रमुख मार्गों पर चेकिंग अभियान:

  • प्रमुख बॉर्डर पॉइंट: गुरुग्राम से दिल्ली आने वाले प्रमुख रास्तों पर रविवार सुबह से ही चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया था। राजोकरी बॉर्डर, द्वारका एक्सप्रेसवे टोल, बिजवासन और कपासहेड़ा बॉर्डर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग और गुरुग्राम पुलिस के अधिकारी मुस्तैद नजर आए।

  • अनिवार्य दस्तावेज: बॉर्डर से गुजरने वाले हर वाहन के बीएस-VI (BS-VI) मानकों, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) और अन्य जरूरी कानूनी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत शिकंजा कसा जा सके।






 

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