उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर मुलाकातों और बयानों का दौर काफी तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध...
उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर मुलाकातों और बयानों का दौर काफी तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जहां राज्यसभा के तीसरे प्रत्याशी के लिए संख्या बल जुटाने की कवायद में लगे हैं, वहीं इसी बीच सुभासपा विधायक और मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे अब्बास अंसारी ने लखनऊ स्थित सपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचकर अखिलेश यादव से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है।
🤝 बंद कमरे में चली एक घंटे की बातचीत, क्या राज्यसभा चुनाव के गणित से जुड़ी है यह मुलाकात?
मुलाकात के बाद अब्बास अंसारी पार्टी कार्यालय से बाहर आए, लेकिन उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। चूंकि समाजवादी पार्टी वर्तमान में राज्यसभा चुनाव में अपने तीसरे प्रत्याशी को उतारने के लिए जरूरी आंकड़े जुटाने की कोशिश कर रही है, ऐसे में अब्बास की इस मुलाकात को सियासी गणित से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि सपा अपने दो उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर चुकी है, जबकि 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है।
🗣️ अखिलेश यादव के बयान पर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर का पलटवार, कहा- 'तलाक हो चुका है'
दूसरी ओर, अखिलेश यादव के उस बयान पर सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया है, जिसमें अखिलेश ने कहा था कि 'ओपी राजभर को अगर कोई ले आए, तो मैं ले लूंगा।' राजभर ने तंज कसते हुए कहा, "उन्होंने तो तलाक दे दिया है, फिर किस बात का इंतजार? हमने तलाक कबूल कर लिया है, अब वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।" इस सियासी बयानबाजी और मुलाकातों के बीच राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है।

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